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Shamli News: 22 हजार दो, बिना परीक्षण लाइसेंस ले लो

Sun, 05 May 2024 12:51 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली। भले ही ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है, मगर ऑफलाइन एआरटीओ कार्यालय के बाहर दलाल लोगों से लाइसेंस बनवाने के नाम पर अतिरिक्त रुपये वसूल रहे हैं। आरटीओ के आसपास 50 से अधिक दलाल सक्रिय हैं। जो 1200 से लेकर 2700 में लर्निंग और डीएल बनवाने का दावा कर रहे हैं। वहीं हैवी लाइसेंस के नाम पर 22 हजार रुपये ले रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि बिना ट्रेनिंग लेटर के ही हैवी लाइसेंस दिलवा दिया जाएगा। संवाददाता की पड़ताल के दौरान दलाल से कुछ इस तरह से बात हुई। संवाद
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संवाददाता : भाई लर्निंग और डीएल लाइसेंस बनवाना है।
दलाल : हां, बन जाएगा।
संवाददाता : क्या-क्या चाहिए, कितना पैसा लगेगा।
दलाल : बनवाने वाले का केवल आधार कार्ड चाहिए। लर्निंग के 1200 लगेंगे और डीएल के 2700 रुपये लगेंगे।
संवाददाता : ज्यादा मांग रहे हो, कुछ कम कर लो।
दलाल : भाई अंदर पैसा ज्यादा जा रहा, अभी भी 800 रुपये बढ़ने की बात की जा रही है।
संवाददाता : कितने दिन में बन जाएगा।
दलाल : लर्निंग में दो से तीन दिन लग जाएंगे।
संवाददाता : हैवी लाइसेंस में कितना खर्च आएगा।
दलाल : कम से कम 22 हजार रुपये लगेंगे। ट्रेनिंग लेटर भी हम ही लगवाएंगे।
संवाददाता : क्या टेस्ट भी देना पड़ेगा
दलाल : केवल उसके फोटो खिचेंगे, टेस्ट कोई नहीं होगा।
दलाल-2
संवाददाता : भाई डीएल बनवाना है, कितने रुपये लगेंगे
दलाल : दो हजार रुपये में बनवा दूंगा, टेस्ट भी नहीं देना पड़ेगा
संवाददाता : एआरटीओ कार्यालय के अंदर कोई दिक्क्त तो नहीं होगी
दलाल : वो जिम्मेदारी मेरी है
संवाददाता : ओके।

दलालों का एआरटीओ कार्यालय के अंदर पूरा हस्तक्षेप
पड़ताल के दौरान सामने आया है कि दलालों का एआरटीओं कार्यालय में पूरा हस्तक्षेप है। आम आदमी लंबी लाइन में खड़े होकर अपना कार्य कराते हैं, जबकि दलाल सीधा अधिकारी की कुर्सी के पास जाकर तुरंत साइन कराते हुए काम करा लेता है। दलाल केवल दो से तीन दिन में 1000 से 1200 तक में लर्निंग लाइसेंस बनवाकर दे देता है, जबकि उसकी फीस केवल 350 रुपये है। वहीं लाइट बनवाने के लिए 1800 रुपये तक वसूल रहे हैं।

जानिए.. क्या होता है टेस्ट

: सबसे पहले आठ अंक जैसे ड्राइविंग ट्रैक पर ट्रायल होगा। इस पर गाड़ी सीधी और फिर पीछे लानी होगी। यहां 20 सेंसर लगे होंगे। जहां भी गलती होगी, सेंसर बज उठेगा।
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: ऑटोमेटिक ड्राइविंग ट्रैक पर पहली बार करीब पांच फिट गाड़ी आगे ले जानी होगी। बढ़ाते समय गाड़ी जरा पीछे आई या गलत दिशा में गई तो सेंसर बज उठेगा। : टेस्ट में गाड़ी को एक बार सीधा, दूसरी बार पीछे के लिए आठ के अंक में पार्क करना होगा। यदि कोई गड़बड़ी हुई तो लाइसेंस नहीं बनेगा।


मात्र 1300 रुपये में बनता है हैवी लाइसेंस
एआरटीओ के अनुसार, हैवी लाइसेंस के लिए 1300 रुपये फीस निर्धारित है, जो सरकारी फीस है।
हर माह 30 से लेकर 35 डीएल बनाए जाते हैं। कार्यालय के बाहर दलालों के लोगों से अतिरिक्त रुपये वसूलने के मामले की जानकारी नहीं है। अभियान चलाकर दलालों पर शिकंजा कसा जाएगा।
-रोहित राजपूत, एआरटीओ शामली

अमर उजाला ने चलाया था अभियान तो दो माह दलाल नहीं दिखाई दिए थे
28 अक्तूबर से लेकर 3 नवंबर तक अमर उजाला ने एआरटीओ कार्यालय के दलालों के खिलाफ अभियान चलाया था,जिसका असर यह हुआ था कि दो माह तक दलाल कार्यालय के आसपास भी नजर नहीं आए थे। हालांकि अब एआरटीओ कार्यालय अब गोहरनी भैंसवाल रोड पर शिफ्ट हो चुका है मगर वहां पर भी दलालों ने डेरा डाल लिया है। अधिकारी सब कुछ जानते हुए अनजान बने हुए हैं।
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