शामली। फिजियोथैरेपी (भौतिक चिकित्सा) पर मरीजों का विश्वास बढ़ रहा है। बिना दवा के दर्द से छुटकारा मिल रहा है। जिला अस्पताल के फिजियोथैरेपी विभाग में रोजाना 20 से 25 मरीज आ रहे हैं। अस्पताल में पुराने जोड़ों के दर्द व सर्वाइकल के दर्द से परेशान मरीज आ रहे हैं।
हर साल आठ सितंबर को विश्व फिजियोथेरेपी दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों के स्वास्थ्य के लिए फिजियोथैरेपी के योगदान को लेकर लोगों को जागरूक करना है। फिजियोथैरेपी से पुरानी चोट, पुराने जोड़ों के दर्द, सर्वाइकल, अर्थराइटिस, कमर का दर्द, रीढ़ की हड्डी में दर्द, नसों के दर्द आदि के मरीज ठीक होते हैं। इससे उपचार कराने से मरीज को बेहतर जीवन शैली को बनाने का कार्य करता है।
जिला अस्पताल में पिछले करीब दो साल से फिजियोथैरेपी विभाग चल रहा है। शुरूआत में फिजियोथैरेपी के मरीज एक या दो आते थे, लेकिन धीरे-धीरे मरीजों का विश्वास बढ़ता गया। इस समय रोजाना 20 से 25 मरीज फिजियोथैरेपी कराने के लिए पहुंच रहे हैं। यहां पर 15 से 20 दिन तक मशीनों की मदद से व्यायाम करने से मरीजों को लाभ मिल रहा है। विभाग में नियुक्त फिजियोथैरेपिस्ट रवि प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया फिजियोथैरेपी ऐसी चिकित्सा है, जिसमें बिना दवा के मरीजों के पुराने दर्द ठीक होते हैं। फिजियोथैरेपी पर मरीजों काे लाभ मिलने से इसका विश्वास बढ़ा है। इसके लिए नियमित रूप से 15 से 20 दिन व्यायाम करना होता है।
बोले मरीज
शामली निवासी कीर्ति ने बताया उसे कई साल से सर्वाइकल का दर्द रहता था। वह चार-पांच दिन से फिजियोथैरेपी कराने आ रही है। इससे उसे दर्द में काफी आराम मिला है। अब उसे दर्द नहीं होता।
कैराना निवासी रामप्रकाश ने बताया उसकी कमर में दर्द रहता है। उसने डाक्टर से दवा ली, लेकिन जब तक दवा ली तो आराम रहता था, दवा बंद होने के कुछ दिन बाद फिर से दर्द होता था। फिजियोथैरेपी कराने से उन्हें लाभ मिला है। अब दर्द नहीं होता।
शामली निवासी रविता ने बताया उसे कई साल पहले चोट लगी थी ,जिससे उसके घुटने में दर्द रहता था। दवा खाने से भी आराम नहीं नहीं मिला। फिजियोथैरेपी से उसे काफी लाभ मिला है।