फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shamli News: सर्पदंश का समय पर उपचार कराएं, झाड़-फूंक से बचे

Sun, 14 Jul 2024 01:48 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
विज्ञापन
विज्ञापन
शामली। सर्पदंश से बचाव के लिए लोगों का जागरूक होना जरूरी है। अगर किसी को सांप काट लेता है तो झाड़ फूंक के चक्कर में न पड़े और समय पर उपचार कराएं। पिछले दो माह में जिला अस्पताल में सर्पदंश से पीड़ित नौ मरीज पहुंचे। सभी मरीज उपचार करने के बाद स्वस्थ हुए हैं।
विज्ञापन

जिला अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सर्पदंश से पीड़ित मरीजों के उपचार के लिए एंटी स्नेक इंजेक्शन व अन्य जरूरी दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। बरसात के मौसम में सर्प अक्सर बाहर निकलते हैं। नमी में उमस बनने से भी सर्प गर्मी से राहत पाने के लिए इधर-उधर भटकते रहते हैं। इसलिए बरसात के मौसम में सर्पदंश के केस बढ़ जाते हैं।
जिला अस्पताल में पिछले दो माह में सर्पदंश के नौ केस आ चुके हैं। मई माह में दो केस, जून में चार और जुलाई में तीन केस सर्पदंश के आ चुके हैं। सभी मरीजों को एंटी स्नेक इंजेक्शन व दवा देकर उपचार किया गया। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. किशोर कुमार आहूजा ने बताया बरसात के मौसम में सर्प अक्सर बाहर निकल आते है, इसलिए इनसे बचाव करना जरूरी है। अगर किसी को सांप काट लेता है तो घबराने की जरूरत नहीं है। झाड़फूंक व टोना-टोटका आदि के चक्कर में कतई न पड़े। अस्पताल में समय पर पहुंचकर उपचार कराएं। उपचार में देरी करना खतरनाक हो सकता है।
विज्ञापन

इस तरह करें बचाव

1. बरसात के मौसम में बाहर निकलते समय जूते, मोटे कपड़े की पैंट आदि पहने।

2. सांप दिखने पर पास न जाए और न ही उसे मारने की कोशिश करें, उसे बचकर जाने दें। हलचल एवं कंपन आदि से सांप दूर भागते हैं।

3. सर्पदंश पर घबराए नहीं, आराम से लेट जाएं, कपड़े ढीले कर दें, चूड़ी, कड़े, घड़ी अंगूठी जैसे आभूषण निकाल दे।

4. छोटे बच्चे, वृद्ध और अन्य बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों में जहर का असर गंभीर हो सकता है, इनके उपचार में देरी न करें।

5. घाव के साथ छेड़छाड़ न करें। दौड़ने भागने से जहर तेजी से शरीर में फैलता है।

6. सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति को मदिरा, नशे की कोई चीज और कैफीनेटेड ड्रिंक्स न दें।

7. झांड़-फूंक से बचें। पीड़ित को जल्द अस्पताल ले जाएं और चिकित्सक की सलाह के अनुसार उपचार ले।

सर्पदंश के बाद लक्षण

1. अधिकांश सांप मांसाहारी होते हैं एवं छोटे जीव-जंतुओं को खाते हैं। मनुष्यों को ये अपने ऊपर खतरा देख कर ही काटते है। इन्हें छेड़ा न जाए तो ये मनुष्यों को नहीं काटते।

2. सांप के जहर से ऊतक नष्ट होते हैं, नर्वस सिस्टम प्रभावित हो सकता है, ब्लड प्रेशर एवं हृदय पर असर अथवा क्लॉटिंग एवं रक्तस्राव होता है।

3. लक्षण उत्पन्न होने में कभी-कभी 6 से 12 घंटे का समय लग सकता है।

4. बिना जहर वाले सांप काटने पर काटे हुए स्थान पर थोड़ा दर्द और सूजन हो सकती है, जो सामान्यत: आसानी से ठीक हो जाती है।

5. जहरीले सांप के काटने पर यदि सांप द्वारा जहर नहीं उगला गया है तो खतरा नहीं होता है। यदि जहर उगला गया है तब काटने के स्थान पर तेज दर्द, छाला पड़ना, सूजन, लालिमा, नीलापन, रक्तस्त्राव, काला पड़ना या सुन्न होना हो सकता है।

6. सांप के जहर के असर से व्यक्ति के काटे वाले भाग के पूरे अंग में तेज दर्द हो सकता है, कम ब्लडप्रेशर, कमजोर नाड़ी, बढ़ी धड़कन, उल्टी, दस्त, खांसी, सांस लेने में दिक्कत, देखने में दिक्कत, हाथ-पैर ठंडा होना, सुन्न पड़ना, पसीना आना आदि हो सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें