फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग से ताजे मीट की करा दी जांच

विज्ञापन
विज्ञापन
- जलालाबाद में शनिवार की सुबह पकड़े गए मांस के मामले पुलिस की जांच पर सवाल
विज्ञापन

- पुलिस ने गड्ढे से मीट निकलवाने के बजाए ताजा मीट के सैंपल की करा दी जांच
- जांच के बाद मीट को कटड़े का बताकर सीओ ने दे दी पुलिस को क्लीन चिट
संवाद न्यूज एजेंसी
जलालाबाद। शनिवार की अलसुबह पकड़े गए मांस के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ खड़ी हुई है। मामले की जांच कर रही सीओ ने मंगलवार को मांस को कटडे का बताकर पुलिस को क्लीन चिट दे दी। जबकि पशु चिकित्सा विभाग की माने तो पुलिस ने उनसे ताजा मीट की जांच कराई। जबकि असल मीट को 65 घंटे पहले दफना दिया गया था। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि उनसे जिस मीट की जांच कराई गई वह ताजा मीट था।
मामला शनिवार सुबह तीन बजे का है। पुलिस ने सूचना के आधार पर मीट की दुकान पर छापा मारा था। पुलिस के मुताबिक आरोपी मौके से फरार हो गए थे और जिसके बाद पुलिस ने मीट को कटडे का बताकर दबवा दिया था। इस मामले में सवाल खड़े हो रहे थे कि वह मीट गोवंश का है। जिसमें पुलिस ने सांठगांठ करते हुए आरोपियों को छोड़ दिया। शिकायत के बाद एसएसपी ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीओ को जिम्मेदारी सौंपी दी। जिसके बाद श्रेष्ठा ठाकुर ने मौके पर जाकर मामले की जांच पड़ताल की थी। जांच के बाद सीओ श्रेष्ठा ठाकुर ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच की गई। बताया कि डॉक्टर की जांच के बाद पता चला है कि मांस कटडे का है। साथ ही सीसीटीवी कैमरे में जो लोग दिखाई दे रहे हैं उनकी पहचान कराई जा रही है ताकि गिरफ्तारी हो सके।
विज्ञापन

जब कस्बे के पशु चिकित्साधिकारी डॉ पंकज कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह तो मौके पर नहीं गए थे। उन्होंने फार्मासिस्ट अनिल पुंडीर मौके पर भेजा था। अनिल पुंडीर ने बातचीत में बताया कि जिस मांस की उन्होंने जांच की है वह कटडे का मांस है। साथ ही उन्होंने बताया कि पुलिस ने उनसे ताजा मीट की जांच कराई है। जबकि की पुलिस ने 65 घंटे पहले पकड़े गए मीट को दफना दिया था। इससे साफ है कि पुलिस ने आरोपी पुलिसकर्मियों को बचाने के लिए कोई खेल किया है।
ऐसे कराई गई जांच
पशु चिकित्सा विभाग की माने तो किसी भी मीट की जांच मथुरा स्थित लेबोरेटरी में की जाती है। अनिल पुंडीर ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में यदि मीट के टुकड़ों में खाल का सैंपल मिल जाए तो मांस किसका है। इस केस में भी यही हुआ पुलिस ने जानबूझकर विभाग को कटड़े का मांस दिया, जिसमें कटड़े की खाल का सैंपल भी मिला दिया।
विज्ञापन

ऐसे होती नियमानुसार जांच
पुलिस की मौजूदगी में मौके पर खुदाई होती। तब स्वास्थ्य विभाग की टीम खुदाई के बाद सैंपल लेती और जांच करती। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पुलिस ने मौके पर खुदाई ही नहीं की और पुलिस सीधे सैंपल लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम के पास पहुंची।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें