- बाबरी और आसपास क्षेत्र के लोगाें को बनाया ठगी का शिकार
- एप्लीकेशन में रुपये इन्वेस्ट कराकर दो या फिर चार गुणा रुपये वापस देने का दिया जाता था झांसा
- एसपी बोले- ऐसे लोगों से रहें सावधान, किसी के बहकावे में नहीं आएं
संवाद न्यूज एजेंसी
बाबरी। ठग लाेगों को ठगने के लिए आए दिन तरह-तरह के तरीके निकाल रहे हैं। बाबरी, सोंटा रसूलपुर, केडी और आसपास गांव के 50 से अधिक लोगों को एप में रुपया इनवेस्ट कराकर दो से चार गुणा रुपया वापस देने का झांसा देकर लाखों की ठगी कर ली गई। अब दो दिन से जब रुपये वापस नहीं आए, तो लोगों काे ठगी का पता चला। लोगों ने एसपी से भी मामले की शिकायत करने की बात कही है। एसपी ने ऐसे किसी भी एजेंट, एप्लीकेशन संचालक या फिर अन्य के बहकावे में नहीं आने की अपील की है, ताकि धोखाधड़ी से बचा जा सके।
बाबरी के रहने वाले भूरा बाबरी, नावेद खान, गुल्लू शाह, प्रिंस चौधरी, उज्जवल पाल आदि ने बताया कि कुछ दिन पूर्व ही उन्हें एक व्यक्ति मिला। उसने कहा कि एक नामी कंपनी है, जिसने अपना एप्लीकेशन भी बनाया हुआ है। कई अन्य एजेंट भी उनके साथ जुड़े हैं। एप्लीकेशन में आईडी बनानी होती है। आईडी बनाने के बाद यदि आप एप्लीकेशन के माध्यम से 3400 रुपये इनवेस्ट करोगे तो दो घंटे में ही डबल रकम वापस दी जाएगी। इसी तरह 43 और 87 हजार रुपये लगाने पर भी रकम दोगुनी मिलेगी। कहा कि वह उनके बहकावे में आ गए तथा रुपये अपनी आईडी बनवाने के बाद इनवेस्ट कर दिए।
आरोप है कि पिछले दो दिन से आईडी का कोई भी लिंक नहीं खुल पा रहा है। उनके अलग अलग 87 से लेकर 43 हजार रुपये तक डूब गए हैं। उनके अलावा अन्य भी कई लोगों के रुपये नहीं मिले हैं। एप्लीकेशन का लिंक जहां खुल नहीं रहा है। वहीं, एजेंट का भी नंबर नहीं लग पा रहा है। इसके अलावा शामली और आसपास क्षेत्र के कई लोग भी धोखाधड़ी के शिकार हुए है, जो शर्म की वजह से आगे नहीं आ रहे हैं। लोगों ने पुलिस से भी मामले की शिकायत करने की बात कहीं है, ताकि अन्य लोग ठगी का शिकार होने से बच सके।
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किसी भी एप या फिर अन्य कंपनी में रुपये निवेश करने का झांसा देने वाले फर्जी लोगों से सावधान रहना चाहिए। शक होने पर ऐसे लोगों की शिकायत पुलिस से करनी चाहिए। मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद कार्रवाई होगी। ठगी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। - अभिषेक, एसपी शामली
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पैसे डबल करने के नाम पर, कभी कारोबार बढ़ाने के नाम पर लगातार ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। निवेश करने वाली अधिकांश कंपनियां सहकारी एक्ट के तहत रजिस्टर्ड होती हैं। जिसमें आरबीआई का हवाला देकर पुलिस तक को गुमराह किया जाता है। इसमें नियमों की पेचीदगियां ज्यादा हैं। - विनय कुमार, साइबर एक्सपर्ट