शामली। जिले में डेंगू के साथ मलेरिया का भी खतरा बढ़ गया है। इस महीने मलेरिया के चार नए केस सामने आए है। इस साल में अब तक 15 केस सामने आ चुके हैं। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। पिछले साल जिले में मलेरिया के 69 केस मिले थे।
बारिश के मौसम में मच्छर पनपने के कारण डेंगू व मलेरिया बुखार का खतरा रहता है। इस महीने बाबरी निवासी महिला में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है, जबकि डेंगू का एक केस पहले जनवरी में मिल चुका है। इसके साथ ही अगस्त में मलेरिया के चार नए केस मिले हैं। इन्हें मिलाकर इस साल में अब तक मलेरिया के 15 केस सामने आ चुके हैं। जिला मलेरिया अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया अगस्त महीने में 3749 स्लाइड की जांच में चार मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हुई हैं। इस साल में अब तक बुखार पीड़ित मरीजों की 23287 स्लाइड बनाई गई, जिनमें 15 मरीजों में मलेरिया पाया गया।
12 हजार घरों का भ्रमण, छह जगह मिला लार्वा
मलेरिया की रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक करने व घर-घर जाकर लार्वा की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अभियान चलाया हुआ है। पांच अगस्त से शुरू हुए अभियान में अब तक करीब 12 हजार घरों का भ्रमण किया जा चुका है। अरबन क्षेत्र में छह डोमेस्टिक ब्रीडर चेकर लगाए गए हैं जबकि गांवों में आशाएं घर-घर जाकर लार्वा की जांच कर रही है। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया अब तक करीब छह घरों में मलेरिया का लार्वा पाया गया, जिसे तत्काल नष्ट कराया गया।
मलेरिया के लक्षण
कंपकंपी वाली ठंड के साथ तेज बुखार होना।
सिर में तेज दर्द होना।
जी मिचलाना ओर उल्टी होना।
पेट और मांसपेशियों में दर्द होना।
बचाव
मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए पानी को इकट्ठा न होने दें।
जलभराव होने पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें।
सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
मच्छरों के काटने से बचाव के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहने।
लक्षण नजर आने पर चिकित्सक की सलाह से जांच व उपचार कराएं।