- गुर्जरपुर में 2009 में हुए झगड़े में हुई थी युवक की मौत
- झगड़े के मामले में दूसरे पक्ष के चार मुजरिमों को भी 2-2 साल की सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। गैर इरादतन हत्या के मामले में कोर्ट ने दोष सिद्ध पाए जाने पर चार दोषियों को सात-सात वर्ष के कारावास और 24500—24500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं, दूसरे पक्ष के चार दोषियों को झगड़े के दौरान मारपीट के मामले में दो-दो वर्ष की सजा सुनाई गई है।
जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार पुंडीर ने बताया कि अक्टूबर 2009 को कांधला थाना क्षेत्र के गांव गुर्जरपुर में कूड़ा डालने के विवाद को लेकर दो पक्षों में झगड़ा हुआ था। इस दौरान उनमें मारपीट भी हुई थी। मामले में दोनों पक्षों की ओर से कांधला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। बाद में उपचार के दौरान एक पक्ष के युवक की मौत हो गई थी, जिसमें पुलिस ने मुकदमे में गैर इरादतन हत्या की धारा का इजाफा कर दिया था।
यह मामला कैराना स्थित अपर जिला सत्र न्यायाधीश (एससी/एसटी) रेशमा चौधरी के यहां विचाराधीन चल रहा था। शुक्रवार को न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलील सुनने व पत्रावलियों का अवलोकन करने के पश्चात अपना फैसला सुनाया है। न्यायालय ने गैर इरादतन हत्या के मामले में एक पक्ष के याकिब, कृपाल, बाबू व जहीर को दोष सिद्ध पाये जाने पर सात-सात वर्ष के कारावास व 24500-24500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं, झगड़ा व मारपीट के मामले में दूसरे पक्ष के सनव्वर, निसार, सिराजू व यूसुफ को दोषी करार दिया, जिन्हें दो-दो वर्ष के कारावास तथा दो-दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।