फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Flood in Shamli: यमुना के तटबंध की ठोकरों का कटान जारी, ग्रामीण परेशान, अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप

Sat, 15 Jul 2023 09:05 PM IST
Dimple Sirohi महबूब अली, अमर उजाला, शामली

सार

शामली के चौसाना में यमुना के तटबंध की रक्षा के लिए बनी ठोकर का कटान चौथे दिन भी जारी रहा। इससे ग्रामीण काफी परेशान हैं। फसलें नष्ट होने के डर से किसान टेंशन में है।
विज्ञापन
flood - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लक्ष्मीपुरा में तटबंध की रक्षा को बनी ठोकर का कटान जारी है। यमुना का पानी गिरते जलस्तर के साथ तटबंधों की ओर बढ़ता जा रहा है। जिससे एक ओर ग्रामीण परेशान है और ड्रेनेज के अधिकारी मजदूरों के साथ गांव में कैम्प कर व्यवस्था बनाने में जुटे हैं। साथ ही, फसल नष्ट होने का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है। वहीं, ग्राम प्रधान व ग्रामीणों ने अधिकारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।

विज्ञापन

 

यमुना किनारे बसे भडी व लक्ष्मीपुरा में करीब 500 बीघा कृषि भूमि को बाढ़ से नुकसान पहुंचा है। वहीं, लक्ष्मीपुरा में चौथे दिन भी तटबंधों की ठोकरों का कटान जारी रहा। एक किलोमीटर के दायरे में बनी ठोकर का आधे से अधिक हिस्सा बह चुका है। ग्रामीण लगातार हंगामा कर रहे थे। बैकफुट पर आये ड्रेनेज विभाग के पांच जेई व एक सहायक अभियंता के साथ बीस मजदूर व्यवस्था बनाने का प्रयास कर रहे हैं।


हरियाणा से यूपी की ओर बढ़ते यमुना के प्रवाह को रोकने के लिए पत्थरों को ठोकरों पर लगाया जा रहा है, लेकिन प्रशासन के राहत व बचाव के बंदोबस्त को ग्रामीण नाकाफी बता रहे हैं। चौसाना जदीद के ग्राम प्रधान गुरूमुख सिंह का कहना है कि जलधारा को रोकने के लिए कोई भी प्रभावी बंदोबस्त नही किये जा रहे हैं। अधिकारी केवल शक्ल दिखाने के लिए मौके पर डटे हैं।

तत्काल मुआवजे की मांग कर रहे हैं किसान
भड़ी व लक्ष्मीपुरा के सैकड़ों किसानों की करीब 500 बीघा से अधिक भूमि यमुना की जलधारा के साथ प्रवाहित हो चुकी है। पीड़ित किसानों का कहना है कि शासन से आदेश के अनुसार, तत्काल मुआवजा दिलाया जाए ।किसानों ने सर्वे कराकर मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। इस दौरान कामिल, राजेश, हरविंद्र, सहेंद्र, दानिश आदि मौजूद रहे।

विज्ञापन

इन्होंने कहाराहत व बचाव के लिए मजदूरों के साथ हम लोग प्रयासरत हैं। सामग्री को मंगाया गया है, अन्य सामग्री भी पहुंचने वाली है। लेकिन इसमें धन की कमी हो रही है। - विकास चौधरी, जेई ड्रेनेज विभाग

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें