यमुना किनारे बसे भडी व लक्ष्मीपुरा में करीब 500 बीघा कृषि भूमि को बाढ़ से नुकसान पहुंचा है। वहीं, लक्ष्मीपुरा में चौथे दिन भी तटबंधों की ठोकरों का कटान जारी रहा। एक किलोमीटर के दायरे में बनी ठोकर का आधे से अधिक हिस्सा बह चुका है। ग्रामीण लगातार हंगामा कर रहे थे। बैकफुट पर आये ड्रेनेज विभाग के पांच जेई व एक सहायक अभियंता के साथ बीस मजदूर व्यवस्था बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
हरियाणा से यूपी की ओर बढ़ते यमुना के प्रवाह को रोकने के लिए पत्थरों को ठोकरों पर लगाया जा रहा है, लेकिन प्रशासन के राहत व बचाव के बंदोबस्त को ग्रामीण नाकाफी बता रहे हैं। चौसाना जदीद के ग्राम प्रधान गुरूमुख सिंह का कहना है कि जलधारा को रोकने के लिए कोई भी प्रभावी बंदोबस्त नही किये जा रहे हैं। अधिकारी केवल शक्ल दिखाने के लिए मौके पर डटे हैं।
तत्काल मुआवजे की मांग कर रहे हैं किसान
भड़ी व लक्ष्मीपुरा के सैकड़ों किसानों की करीब 500 बीघा से अधिक भूमि यमुना की जलधारा के साथ प्रवाहित हो चुकी है। पीड़ित किसानों का कहना है कि शासन से आदेश के अनुसार, तत्काल मुआवजा दिलाया जाए ।किसानों ने सर्वे कराकर मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। इस दौरान कामिल, राजेश, हरविंद्र, सहेंद्र, दानिश आदि मौजूद रहे।
इन्होंने कहाराहत व बचाव के लिए मजदूरों के साथ हम लोग प्रयासरत हैं। सामग्री को मंगाया गया है, अन्य सामग्री भी पहुंचने वाली है। लेकिन इसमें धन की कमी हो रही है। - विकास चौधरी, जेई ड्रेनेज विभाग