शामली। मोटे अनाज की उपयोगिता के बारे में प्रशिक्षित करने के लिए जागरुकता कार्यक्रम बीआरसी पर आयोजित हुआ। जिसमें अधिकारियों ने शिक्षकों को मोटे अनाज के बारे में विस्तार से बताते हुए उसके लाभ बताए। इसके बाद शिक्षक बच्चों को इसकी खूबियां बताएंगे।
मंगलवार को उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धर कार्यक्रम योजना के तहत अध्यापकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम उप-कृषि निदेशक प्रमोद कुमार की अध्यक्षता में बनत बीआरसी पर हुआ। जिसमें सहायक विकास अधिकारी बिजेंद्र कुमार ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सोनू कुमार ने श्री अन्न के बारे में जागरुकता और समझ के साथ-साथ उनके पोषण, स्वास्थ्य लाभ को ध्यान में रखते हुए श्री अन्न मिलेट्स को बढ़ावा देने के विषय पर चर्चा की। कृषि वैज्ञानिक डॉ. ओमकार सिंह द्वारा जैविक खेती एवं प्राकृतिक खेती के अंतर को समझाते हुए प्रशिक्षण में उपस्थित शिक्षकों को उससे होने वाले लाभ के बारे में जानकारी दी।
कृषि वैज्ञानिक काम्या सिंह ने श्री अन्न मिलेट्स से बनने वाले व्यंजनों के बारे में चर्चा करते हुए श्री अन्न मिलेट्स में पाए जाने वाले पोषक तत्वों आयरन, कैल्शियम, जिंक, फाइबर, विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर पोषक का भंडार बताया। श्री अन्न प्रोटीन का आवश्यक अमीनों एसिड प्रोफाइल मक्का, चावल और गेहूं जैसे विभिन्न प्रकार के अनाजों की तुलना में कई गुना अधिक बताते हुए सर्वोत्तम आहार बताया।
प्रमोद कुमार ने बताया कि श्री अन्न के सेवन से बीमारियों से निजात मिलती है। हमारे पूर्वजों द्वारा पहले मोटे अनाज का अधिकतम सेवन किया गया था। जिससे वह अभी तक स्वस्थ रहने के साथ-साथ मजबूत भी है। प्रशिक्षण में 65 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में अखिल बालियान, बिजेंद्र मलिक, अनुज कुमार रहे।
यहां भी होगा प्रशिक्षण
चार सितंबर को कैराना बीआरसी, पांच सितंबर ऊन बीआरसी, छह सितंबर को कांधला बीआरसी। सात सितंबर को थानाभवन बीआरसी पर भी शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके बाद सभी शिक्षक बच्चों को मोटे अनाज के लाभ बताएंगे।