शामली। मौसम का तापमान बढ़ने के साथ ही जिले में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही है, लेकिन जिले का दमकल विभाग स्टाफ और संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। जिले की 15 लाख की आबादी का जिम्मा दमकल विभाग के सीएफओ और एफएसएसओ समेत 36 कर्मियों और दो बड़ी व दो छोटी चार गाड़ियों पर ही है। तंग गलियों में आग पर काबू पाने के लिए बाइक तक की सुविधा दमकलकर्मियों के पास नहीं है।
जिले में दमकल विभाग के स्टाफ व संसाधन में एक मुख्य अग्निशमन अधिकारी, एक एफएसएसओ, 25 फायरमैन, 4 चालक, 5 लीडिंग फायरमैन है। पांच-पांच हजार लीटर क्षमता की दो बड़ी गाड़ी व 400-400 लीटर की दो छोटी गाड़ियां है। एक बड़ी गाड़ी को फायर स्टेशन शामली जिला मुख्यालय पर रखा गया है जबकि एक छोटी गाड़ी को ब्लाक रोड पर खड़ा किया गया है। इनके अलावा एक बड़ी गाड़ी को कैराना व एक छोटी गाड़ी को ऊन तहसील मुख्यालय पर खड़ा किया गया है। जिले की लगभग 15 लाख की आबादी के अनुसार दमकल विभाग के पास स्टाफ व संसाधन की कमी है। तहसील मुख्यालय पर अलग-अलग फायर स्टेशन बनाए जाने की जरूरत है। इससे स्टाफ और संसाधन भी बढ़ेंगे और आग लगने पर समय रहते काबू भी पाया जा सकेगा। अब स्थिति ये है कि जिले में अगर कहीं पर आग लगने की बड़ी घटना होती है तो मौके पर दमकल की गाड़ी को पहुंचने में समय लगता है, तब तक आग से बड़ा नुकसान हो चुका होता है। एफएसएसओ सतेंद्र कुमार ने बताया कि विभाग में मौजूद स्टाफ और संसाधनों से ही मौके पर पहुंचकर आग पर जल्द से जल्द काबू पाने की कोशिश की जाती है।
नए दमकल केंद्र के लिए भूमि चिह्नित कर भेजा गया प्रस्ताव
नए दमकल केंद्र के लिए कंडेला और भैंसवाल में पुलिस लाइन के पास भूमि चिह्नित कर प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। चिह्निंत की गई भूमि अभी फाइनल नहीं हुई है और न ही नए भवन के लिए बजट स्वीकृत हो पाया है। भूमि चयनित होने के बाद ही शासन स्तर से नए केंद्र के भवन के लिए बजट स्वीकृत होगा। वर्तमान में शामली में कोतवाली के पास पुराने भवन में ही फायर स्टेशन चल रहा है।
तंग गलियों में नहीं पहुंच पाती दमकल की गाड़ियां
शहर में शिव चौक के पास, कबाड़ी बाजार, हलवाई हट्टा, नेहरु मार्केट, नया बाजार नाले की पटरी, बड़ी आल, नया बाजार काजीवाड़ा आदि के अलावा कैराना, कांधला, थानाभवन और झिंझाना के भी कई मोहल्लों में तंग गलियां है, जिनमें दमकल की छोटी गाड़ी भी नहीं जा सकती। ऐसे तंग स्थानों पर आग बुझाने के लिए विभाग के पास केवल 200 मीटर पाइप की व्यवस्था है।
सड़कों के नीचे दब गए हाईड्रेंट
पुराने समय में दमकल विभाग की गाड़ी में पानी भरने के लिए शहर में जगह-जगह पर हाईड्रेंट होते थे। अब जैसे जैसे सड़कों का चौड़ीकरण व ऊंचाई बढ़ती गई तो हाईड्रेंट दबते चले गए। अब दमकल की गाड़ी शुगर मिल से पानी भरती है या फिर शहर में जगह-जगह पर पालिका के नलकूप से पानी भरने की व्यवस्था है। इसके अलावा नजदीक के रजबहे व नहरों से भी पानी भरा जाता है।
2023 में आग लगने की ये हुई बड़ी घटनाएं
- 12 जून 2023 को इंडस्ट्रीयल एरिया में माचिस फैैक्टरी में लगी आग।
- दो सितंबर 2023 को दयानंद नगर मोहल्ले में अवैध पटाखा फैक्टरी में लगी भीषण आग।
- 23 सितंबर 2023 को इंडस्ट्रीयल एरिया में पुराने टायर से तेल निकालने की फैक्टरी में लगी आग।
- पांच दिसंबर 2023 को इंडस्ट्रीयल एरिया में स्थित पुराने टायर से तेल निकालने की फैक्टरी में बॉयलर फटने से लगी आग।
2024 में आग लगने की घटनाएं
अप्रैल में गांव सिक्का के निकट ईंधन बनाने की फैक्टरी में रखे पुराल के बड़े ढेर में आग लगी थी। चौसाना व झिंझाना क्षेत्र के कई गांवों में खेत में गेहूं की फसल जलने की कई घटनाएं हो चुकी है। पिछले महीने बनत बाईपास पर दो वाहनों की टक्कर से टैंकर में भीषण आग लगी। शहर में भिक्की मोड़ पर विद्युत खंभे से टकराकर चिंगारी से ट्रक में आग लगने की घटना हुई।