चार दिन पहले मेडिकल स्टोर पर संदिग्ध औषधियां के भंडारण की जानकारी पाकर मारा था छापा
सील किए गए मेडिकल स्टोर की दीवार में सेंध लगाकर नकली दवा गायब करने की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। सील मेडिकल स्टोर की दीवार तोड़कर नकली दवा हटाने के मामले में ड्रग इंस्पेक्टर ने संचालक के विरुद्ध थाने में तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बीती 21 सितंबर की शाम मोहल्ला बिसातियान स्थित मेडिकल स्टोर में नकली और संदिग्ध दवा के भंडारण की सूचना पाकर औषधि निरीक्षक मेरठ पीयूष कुमार, औषधि निरीक्षक मुजफ्फरनगर पवन शाक्य, औषधि निरीक्षक शामली निधि पांडे व एसडीएम शिवप्रकाश यादव ने छापा मारा था। हालांकि टीम के पहुंचने से पहले ही संचालक मेडिकल स्टोर बंद करके फरार हो गया था। इसके बाद टीम ने मेडिकल स्टोर पर सील लगा दी थी।
वहीं, शनिवार को औषधि निरीक्षक निधि पांडेय और तहसीलदार प्रियंका जायसवाल की मौजूदगी में मेडिकल स्टोर की सील खोलकर जांच की गई। इस दौरान मौके पर मौजूद संचालक का भाई दानिश लाइसेंस और खरीद के बिल व अन्य कागजात नहीं दिखा पाया। इसके अतिरिक्त मेडिकल स्टोर के अंदर पीछे बनी एक दीवार में तोड़फोड़ की गई। जिससे संदिग्ध और नकली औषधियां को हटाए जाने की आशंका जताई गई। टीम ने 15 संदिग्धों दवा के नमूने लेकर सील किए। स्टोर में मौजूद 67 औषधियों की सूची बनाई गई।
ड्रग इंस्पेक्टर निधि पांडे ने बताया कि मेडिकल स्टोर संचालक शादाब उर्फ नवाजिश का नाम बागपत में नकली औषधि की धरपकड़ में की गई एफआईआर में शामिल है। खैर मेडिकल स्टोर को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत अग्रिम आदेश तक सील कर दिया है। प्रकरण में अगली कार्रवाई संदिग्ध नमूनों की जांच रिपोर्ट और मिले दवा संबंधी अभिलेख प्रस्तुत कर उनका सत्यापन करने के बाद की जाएगी। उधर, कोतवाली प्रभारी पंकज त्यागी ने बताया कि तहरीर बागपत भेजी जाएगी। वहां पूर्व में लिखे गए मुकदमे में उसे शामिल किया जाएगा।