शामली में किसानों को समय पर पर्चियां न मिलने से गेहूं की बुआई पिछड़ गई है। 15 जनवरी तक गेहूं की बुआई करने के लिए खेत खाली करने हैं, जिसके लिए किसानों को गन्ने की पर्चियों के लिए मारामारी करनी पड़ रही है। वहीं, मिल और गन्ना सहकारी समितियों से समय पर पर्चियां नहीं मिलने के कारण समस्या ओर विकट हो गई है, जिससे किसान परेशान हैं।
2017-18 के चीनी मिलों के गन्ना पेराई सत्र शुरू हुए ढाई माह पूरे हो चुके हैं। गत 15 अक्तूबर से लेकर 15 जनवरी तक गेहूं बुआई किसान करता है। इस दौरान अभी तक जिले मे 53 हजार हेक्टेयर गन्ने के कुल रकबे में से 14 हेक्टेयर गन्ने की कटाई कर पाया है। अधिकारियों के मुताबिक अभी तक 40 प्रतिशत गन्ने की कटाई हो पाई है। गेहूं की बुआई करने के लिए किसानों को गन्ने के खेत खाली करने के लिए चीनी मिलों व गन्ना सहकारी समितियों के गन्ना पर्चियों के लिए चक्कर काट रहा है। गोहरनी गांव के किसान सुुधीर कुमार ने बताया कि 32 बीघा गन्ने की बुआई की थी। उनका पेराई सत्र में नौ बीघा गन्ने की कटाई हुई है। उसके हिसाब से गन्ने की कटाई नही हो पाई है। कुल गन्ना कटाई में एक चौथाई गन्ने की कटाई आवश्यक है। जनवरी माह में खेत खाली होने पर गेहूं की बुआई हो पाएगी। खेड़ी बैरागी निवासी किसान सलेक चंद ने बताया कि 26 बीघा गन्ने की बुआई में 11 बीघा गन्ने की कटाई हुई है। तितावी मिल की ओर गन्ना पर्चियां समय पर नहीं मिल पा रही है।
ग्राम सरनावली निवासी रामपाल सिंह ने बताया कि 35 बीघे गन्ने में से कुल 12 बीघा गन्ने की कटाई हो पाई है। खतौली मिल से गन्ने की पर्चियां कम मिली हैं। उधर, भैंसवाल के किसान उमेश चौधरी ने बताया कि पेराई सत्र शुरू के 45 दिन बाद शामली चीनी मिल ने सामान्य प्रजाति का गन्ना खरीदना शुरू किया। जिससे खेत खाली न होने से किसान समय से गेहूं की बुआई नही कर पाया है। देर से गेहूं की बुआई 25 प्रतिशत कम की गई हैं। शामली के किसान त्रिलोक चंद निर्वाल का कहना है कि पिछले साल से 10 बीघा गेहूं की बुआई कम गन्ना पर्चियां मिलने से हो पाई है।
जिला गन्ना अधिकारी डॉ. अनिल भारती ने बताया कि जिले 53 हजार हेक्टेयर गन्ने के रकबे में 14 हजार हेक्टेयर में 40 प्रतिशत गन्ने की कटाई हो चुकी है। उधर, उप निदेशक कृषि रामवीर कटारा ने बताया कि शासन से गेहूं की लक्ष्य 49 हजार 297 हेक्टेयर में गन्ने की बुआई का लक्ष्य दिया था। अभी तक 40 हजार 480 हेक्टेयर गेहूं की बुआई हो पाई है। शेष गेहूं की बुआई जनवरी माह में बोया जाएगा।
क्या है विवाद का कारण
1- भाजू गांव के थानाभवन मिल के गन्ना खरीद पर सामान्य जाति का गन्ना न लिए जाने पर किसानों का प्रदर्शन।
2- सामान्य प्रजाति की गन्ना पर्चियां न दिए जाने को लेकर थानाभवन मिल पर प्रदर्शन।
3- सामान्य प्रजाति की गन्ना पर्ची को लेकर ऊन चीनी मिल की झिंझाना में बस रोकी।
4- गंगेरू में व ताना गांव के खरीद केंद्र पर गन्ना पर्चियों को लेकर किसानों का हंगामा।
जिले की चीनी मिलों द्वारा कुल खरीदा गए का डाटा
चीनी मिलें खरीदा गया गन्ना लाख क्विंटल खरीद केंद्र
शामली 41.85 लाख क्विंटल 44
थानाभवन 50.15 लाख क्विंटल 52
ऊन 26.15 लाख क्विंटल 57
चीनी मिलों द्वारा कुल खरीदा गया गन्ना- 118.15 लाख क्विंटल- 113
गन्ना विकास समिति कुल सदस्य गन्ना उत्पादक किसान
1. शामली 73 हजार 991
गत वर्ष 70 हजार 230
2. थानाभवन 21 हजार 448
गत वर्ष 20 हजार 753
3. ऊन 16 हजार 500
गत वर्ष 16 हजार 300
कुल सदस्य किसान 1 लाख 10 हजार 500
गांव हैदरपुर निवासी किसान पपलेस ने बताया कि 40 बीघा खेत में गन्ना बोया था, जिसमें से अब तक सिर्फ 15 बीघा की कटाई हो पाई है। इस कारण गेहूं की बुवाई के लिए खेत खाली न होना परेशानी बना हुआ है।
गांव जमालपुर निवासी किसान जितेंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने 42 बीघा में गन्ना बोया था, उसमें से अब तक सिर्फ 10 बीघा ही फसल की कटाई हो पाई है। बाकी गन्ना खेत में खड़ा है।
गांव चूनसा निवासी किसान चंद्रवीर ने बताया कि 50 बीघा में से अब तक सिर्फ 15 बीघा गन्ना कटा है। 15 जनवरी तक गेहूं की बुवाई होनी है, जिस कारण चिंता बनी हुई है।
गांव कसेरवा निवासी किसान राजेंद्र ने बताया कि 50 बीघा में से सिर्फ 10 बीघा गन्ना कट पाया है। चीनी मिल से पर्चियां समय से जारी नहीं हो पा रही हैं।
गांव कसेरवा निवासी रवि देशवाल ने बताया कि 30 बीघा में 13 बीघा गन्ना की कटाई हो गई है। बाकी गन्ना खेत में खड़ा है।