शामली। जिले में बुखार शहर से लेकर कस्बों और गांवाें में जानलेवा बना हुआ है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इससे अनजान बना है। स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में बुखार से कोई मौत होना दर्ज नहीं है जबकि जिले में 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। बुखार से मौत होने के बाद विभाग जागता है और इसके बाद वहां पर स्वास्थ्य शिविर लगाया जाता है।
जिले में करीब दो माह से बुखार का प्रकोप चल रहा है। सरकारी व निजी अस्पतालों में बुखार के मरीज उपचार करा रहे हैं। बुखार के चलते जिले में 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, हालांकि स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में बुखार से अभी तक कोई मौत होना दर्ज नहीं है। स्वास्थ्य विभाग इतना जरूर करता है कि बुखार से मौत होने की जानकारी मिलने के बाद गांवों में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाकर मरीजों का उपचार करने की खानापूर्ति करता है। इस संबंध में वेक्टर जनित रोगों की परामर्शदाता राजेश कुमारी ने बताया कि जहां से भी बुखार के मरीज होने की जानकारी मिलती हैं, वहीं पर स्वास्थ्य टीम पहुंचकर मरीजों की जांच कर दवा देने, सैंपल लेने के साथ ही एंटी लार्वा कीटनाशक दवा का छिड़कांव कराया जा रहा है।
रघुनाथपुर में बुखार से एक की मौत, 100 से ज्यादा बीमार
बाबरी। बाबरी के मजरे रघुनाथपुर में शनिवार देर रात धर्मपाल (58) की बुखार से मौत हुई। कुछ दिन पहले सतपाल (55), रतिराम (48), कमलेश देवी आदि की मौत बुखार से हुई है, लेकिन आज तक भी स्वास्थ्य विभाग ने गांव में कोई सुध नहीं ली। रघुनापुर की आबादी करीब 500 है जिसमे 100 से ज्यादा ग्रामीण बुखार से पीड़ित है। इससे पहले गांव हिरनवाड़ा में आरव (3) वर्ष, हैप्पी (14), सेठन (58) की बुखार से मौत हो चुकी है।
कांधला में बुखार से हो चुकी कई मौत
कांधला। कस्बा एलम में करीब एक माह पूर्व मोहल्ला प्रेम नगर निवासी सुनीता (26) वंशिका (13) की बुखार के चलते मौत हो गई थी। कस्बा कांधला के मोहल्ला शेखजादगान निवासी आरिश (13), रायजादगान निवासी एक वर्ष की रितिका और डांडूंगरा निवासी शाद, गांव मलकपुर निवासी नफीस (40) की करीब एक माह पहले बुखार से इसी महीने में मौत हो चुकी है।