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Shamli News: बुखार बिगाड़ रहा स्वाद, भूख लग रही कम

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शामली। जिले के मौसम में बार-बार बदलाव के कारण वायरल बुखार के मरीज अस्पतालों में बढ़ रहे हैं। बुखार के कारण मरीजों का स्वाद बिगाड़ रहा है और भूख भी कम लग रही है। चिकित्सक इसकी वजह बुखार का लीवर पर असर होना बताते हुए खानपान में सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
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कभी बारिश से मौसम नरम तो कभी तेज धूप निकलने से मौसम गर्म हो रहा है।जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों में ज्यादातर बुखार, नजला व खांसी के हैं। बुखार में मरीजों के सामने स्वाद बिगड़ने और भूख कम लगने की समस्या ज्यादा आ रही है। वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. अशोक कुमार ने बताया वायरल बुखार में मुंह का कड़वा होना, स्वाद बिगड़ना और भूख कम लगने की समस्या होती है। बुखार लीवर पर असर डालता है। इस वजह से यह समस्या बनती है। कहा बुखार ठीक होने के बाद तीन से पांच दिन में यह समस्या दूर हो जाती है और मरीज को भूख लगने लगती है। उन्होंने कहा कि चिकित्सक की सलाह से ही मरीज को दवा लेनी चाहिए।
दूषित खानपान भी कर रहा लीवर खराब
बरसात के मौसम में दूषित पानी पीने और दूषित बासी भोजन करने से लीवर खराब होता है। इस तरह के चार से पांच केस रोज सामने आ रहे हैं। डॉ. रामनिवास का कहना है कि इस तरह के मामलों में लीवर में सूजन आ जाती है। इससे पीलिया होने का खतरा रहता है। इसे ठीक होने में एक से दो सप्ताह का समय लगता है।
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ये बोले मरीज

मोहल्ला दयानंद नगर निवासी सविता ने बताया उसे वायरल बुखार कई दिन तक आया। बुखार ठीक होने के बाद भी मुंह कड़वा रहता है और भूख कम लगती है। डॉक्टर ने दवा देकर बताया कि तीन चार दिन में ठीक हो जाएगा।
मोहल्ला कलंदरशाह नई बस्ती निवासी यामीन ने बताया उसे छह-सात दिन से बुखार आ रहा है। बुखार तो लगभग ठीक हो गया, लेकिन भूख लगनी बंद हो गई। डाक्टर ने बताया बुखार का लीवर पर असर पड़ने की वजह से भूख कम लग रही है।
काका नगर निवासी बिमलेश ने बताया उसे कई दिन से बुखार आ रहा है। बुखार के साथ स्वाद बिगड़ गया है। कुछ भी खाते है तो फीका लगता है और खाने की इच्छा नहीं होती। डाक्टर ने दवा देकर हल्का भोजन करने की सलाह दी है।
छुट्टी के दिन 11 बजे तक खुली ओपीडी, चिकित्सक रहे नदारद
जिला अस्पताल में सोमवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का अवकाश होने के कारण 11 बजे तक ओपीडी खुली। ओपीडी में डॉ. रामनिवास, डॉ. अनुरागी और डॉ. आंचल मौजूद रही जबकि अन्य चिकित्सक नहीं आए। चिकित्सक न होने के कारण मरीजों को इलाज कराने में परेशानी हुई और उन्हें अपने नंबर आने का इंतजार करना पड़ा। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. किशोर कुमार आहूजा ने बताया राजपत्रित अवकाश होने के कारण कई चिकित्सक नहीं आए। तीन चिकित्सकों ने ओपीडी में मरीजों की जांच की।
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