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जांच में मिली कई खामियां, प्रधानाध्यापिका का रोका वेतन

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संवाद न्यूज एजेंसी
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झिंझाना। उलैहनी गांव के बिन्ना माजरा के प्राथमिक विद्यालय की रसोई माताओं की शिकायत के बाद हुई जांच में कई खामियां सामने आई हैं। इसके बाद बीएसए ने प्रधानाध्यापिका का वेतन अगले आदेश तक रोक दिया है।
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रसोई माता ओमवीरी और राजेश ने बृहस्पतिवार को प्रधानाध्यापिका प्रतिभा पर स्कूल में न घुसने देने और उचित सामग्री न देने का आरोप लगाया था। जिस वजह से बच्चों के लिए मिड-डे मिल नहीं मिल सका था। इस मामले में प्रधानाध्यापिका से बात की गई थी तो स्टाफ में आपसी कलह सामने आई थी। खंड शिक्षा अधिकारी ने जांचकर रिपोर्ट बीएसए को सौंप दी थी। बीएसए ने आदेश जारी कर प्रधानाध्यापिका का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने का आदेश जारी कर दिया। बेसिक शिक्षा अधिकारी के यहां से जारी आदेश में बताया कि विद्यालय में चारों और घास-फूंस और झाड़ियों के अतिरिक्त गंदगी मिली। प्रिंटेड सामग्री कक्षा की दीवारों पर कटी हुई लटक रही थी। विद्यालय में पुताई नहीं हुई और ब्लैक बोर्ड में गड्ढे मिले। स्पोर्ट्स ग्रांट से खरीदा गया सामान अधूरा मिला। कंपोजिट ग्रांट का उपयोग नहीं किया गया। कक्षा में एक पंखा ही मिला, वह भी खराब था। प्रेरणा डीबीटी में विद्यालय में पंजीकृत छात्र 66 के सापेक्ष केवल दो बच्चों का वेरिफिकेशन मिला। उपस्थिति पंजिका में फर्जी हस्ताक्षर फर्जी अवकाश लेने का मामला भी सामने आया। 21 अगस्त 2019 मे भी प्रधानाध्यापिका से स्पष्टीकरण मांगा गया था।
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