शामली। फास्ट फूड बच्चों को बीमार बना रहा है। इसका ज्यादा सेवन करने से पेट में दर्द और आंतों में संक्रमण के केस सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना आ रहे हैं। चिकित्सक बाजार में बने खाद्य पदार्थों और चटपटा खाने से बचने की सलाह दे रहे हैं।
पिछले कुछ समय से फास्ट फूड का सेवन करने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है। इसके अलावा चपटपटा खानपान भी लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है। वैसे तो फास्ट फूड खाने से सभी उम्र के लोगों की सेहत पर असर पड़ता है, लेकिन दस साल तक की उम्र के बच्चों पर इसका ज्यादा असर पड़ रहा है। सरकारी व निजी अस्पतालों में पेट में बार-बार दर्द होने और आंतों में संक्रमण के केस आ रहे हैं। जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक बाल रोग विशेषज्ञ अशोक कुमार ने बताया कि ओपीडी में रोजाना सात से दस बच्चे पेट में इंफेक्शन के आ रहे हैं। इसकी वजह बाजार में बने खाद्य पदार्थों का सेवन है। फास्ट फूड के साथ ही ज्यादा चपटपटे का खानपान किया जा रहा है। ज्यादा तला भुना खाने से भी पेट में संक्रमण होता है। ज्यादा फास्ट फूड का सेवन करने से पेट खराब होना, डायरिया, पेचिस, आंतों में इंफेक्शन, टायफाइड आदि होने का डर रहता है। इसलिए उनकी सलाह है कि बाहर का खानपान करने से बचें। सीएचसी शामली के चिकित्सक उपकार मलिक ने बताया कि बाजार में बने खाद्य पदार्थ पेट खराब करते हैं। लोगों को बच्चों के खानपान में सावधानी बरतनी चाहिए।
केस एक- मोहल्ला रामशाला निवासी विनोद अपने सात वर्ष के बेटे को लेकर जिला अस्पताल में पहुंचा। यहां चिकित्सक को बताया कि दवा लेने के बाद आराम आ जाता है, लेकिन कुछ दिन बाद फिर यही समस्या बनती है। चिकित्सक के पूछने पर बताया कि दुकान की चीजें ज्यादा खाता है। इस पर बाहर की चीजें न खिलाने की सलाह दी।
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केस दो- झिंझाना निवासी शब्बीर पांच साल की बेटी को लेकर उपचार कराने पहुंचे। उन्होंने बताया बेटी जो खाती है, उसका सही तरीके से पाचन नहीं हो पाता। चिकित्सक ने उन्हें बाजार की चीजें न खाने की सलाह दी।
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केस तीन - मोहल्ला कलंदरशाह निवासी आठ वर्षीय सलमान अपने परिजनों के साथ जिला अस्पताल में उपचार कराने पहुंचा। चिकित्सक ने जांच के बाद पेट में संक्रमण होना बताया। दवा के साथ बाहर के खानपान से परहेज रखने की सलाह दी।