उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेंगे किसान
शामली, बाबरी। बुटराड़ा स्टैंड के पास चल रहे धरने को संबोधित करते हुए मास्टर महावीर ने कहा कि भाजपा ने अंग्रेजी शासन की याद दिला दी है। किसान अब और उत्पीड़न बर्दास्त नहीं करेंगे।
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरीडोर के निर्माण के लिए शामली जिले के 22 गांवों की भूमि अधिग्रहण की गई है। इस मामले में पिछले कई दिन से बुटराड़ा-करौदा हाथी स्टैंड के समीप किसान संघर्ष समिति के बैनर तले अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। शनिवार को धरने में मास्टर महावीर सिंह कांजरहेड़ी ने कहा कि जब तक किसानों को एक प्रोजेक्ट एक रेट के आधारित मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक धरना जारी रहेगा। सभा की अध्यक्षता कर रहे ईश्वर सिंह चूनसा ने किसानों से पांच अक्तूबर की महापंचायत को सफल बनाने की अपील की।
संचालन कर रहे वीरपाल आर्य ने किसानों को बताया कि ईस्टर्न पेरिफेरल के मुआवजे में भी किसानों को मात्र चार सौ पचास करोड़ रुपये का मुआवजा देना निश्चित किया था। जिसका किसानों ने विरोध किया गया और हाईवे निर्माण कार्य छह माह तक बंद रहा। आंदोलन के चलते किसानों को तीन सौ करोड़ रुपये बढ़ाकर मुआवजा दिया गया था। इसलिए हमको भी एक रेट एक प्रोजेक्ट की तर्ज पर मुआवजा दिया जाए। इस दौरान ओमवीर बालियान, नेत्रपाल, शौदान, यशपाल, युवराज, ऋतिक, ईश्वर सिंह, करणपाल, महेंद्र सिंह, आदेश, रमेश, हरेंद्र, अमित, ओमपाल, रामकुमार, किरपाल, मुल्तान, ऋषिपाल आदि मौजूद रहे।