संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर किसान संघर्ष समिति की पंचायत में किसानों की समस्याओं का समाधान न होने पर 21 जुलाई से बेमियादी धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय किया गया।
बाबरी गांव के प्रहलाद सिह के घेर में शनिवार को किसान संघर्ष समिति की पंचायत हुई। इसमें दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के संबंध में किसानों की समस्याओं को लेकर विमर्श किया गया। वक्ताओं ने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। पैमाइश में जो रकबा ज्यादा है, उसका अतिरिक्त अवार्ड, छूटी परसंपत्ति का अतिरिक्त अवार्ड सभी किसानों के खाते में मुआवजे की राशि, नाली, अंडरपास तथा इन सभी मांगों के साथ ही आर्बिट्रेशन की जल्द से जल्द सुनवाई करके सर्किल रेट बढ़ाने तथा धारा 31 के तहत पुनर्वास और पुनर्स्थापन का अवार्ड जल्द किए जाने की मांग की है।
किसान संघर्ष समिति के पदधिकारियों ने समस्याओं का समाधान न किए जाने पर 21 जुलाई से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किए जाने की चेतावनी दी। सभी 22 गांव के किसानों ने भूमि पर जिला प्रशासन और निर्माण एजेसी को कब्जा न दिए जाने की निर्णय सुनाया। इस मौके पर मुख्य रूप से समिति के अध्यक्ष ठाकुर वीर सिंह, विजेंद्र सिंह, योगेंद्र प्रधान, रामवीर सिंह, हाजी तुफैल, सतपाल सिंह, सुरेश राणा, प्रमोद कुमार, वीरपाल ठेकेदार, रवि मलिक समेत काफी किसान उपस्थित रहे। पंचायत की अध्यक्षता महावीर सिंह ने की तथा संचालन विदेश मलिक ने किया।