शामली। लिलौन गांव में बकाया गन्ना भुगतान को लेकर किसानों की पंचायत हुई, जिसमें किसानों ने शुगर मिल के खिलाफ आक्रोश प्रकट किया। पंचायत में किसानों ने शामली शुगर मिल को चेतावनी दी कि यदि पिछले सत्र का 214 करोड़, 21 लाख रुपये का बकाया गन्ना भुगतान नहीं किया तो आगामी 15 फरवरी के बाद शामली मिल में बेमियादी धरना शुरू किया जाएगा। धरना संयोजक संजीव शास्त्री लिलौन ने कहा कि शामली मिल के मालिक किसानों की परीक्षा न लें। किसानों का सब्र टूट गया तो चीनी मिल के खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
रविवार को लिलौन गांव के शिव मंदिर में किसानों की पंचायत हुई, जिसमें संयोजक संजीव शास्त्री लिलौन ने कहा कि डीएम रविंद्र सिंह और एडीएम संतोष कुमार सिंह की मौजूदगी में शामली चीनी मिल के साथ किसानों की समझौता वार्ता में 15 जनवरी तक पिछले सत्र 2022-23 का 214 करोड़ 21 लाख रुपये दिए जाने और नए सत्र का 14 दिन में बकाया गन्ना भुगतान दिए जाने का वादा किया था, किंतु शामली मिल की ओर से वादा खिलाफी की जा रही है। नए सत्र में शामली मिल की ओर 14 दिन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों का एक प्रतिनिधि मंडल पिछले सप्ताह शामली मिल के मालिक राहुल लाल से मिला था। मिल मालिक ने कहा कि शामली मिल नया लोन स्वीकृत करने के लिए आगामी दो फरवरी को लखनऊ जा रहा है। नया लोन स्वीकृत होने के बाद किसानों का पिछले साल का बकाया गन्ना भुगतान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल एडीएम संतोष कुमार से मिलकर बकाया गन्ना भुगतान की मांग कर चुका है। 15 फरवरी तक बकाया गन्ना भुगतान न होने पर किसान शामली मिल पर धरना प्रदर्शन करके आंदोलन करेगा। पंचायत में कविंद्र टिटौली, अनिरुद्ध चूनसा, रामपाल कसेरवा, जसवीर सिंह लिलौन, अंकित भैंसवाल, धर्मेद्र सिंभालका, विनय भैसवाल, जगपाल खेडी करमू ने विचार प्रकट किए। अध्यक्षता राजवीरसिंह मुखिया ने की। संचालन बहादुर लिलौन ने किया।
नए सत्र में जिले की चीनी मिलों पर 221.53 करोड़ रुपये किसानों के बकाया
-14 दिन में किसानों को नहीं मिल रहा है भुगतान
शामली। जिले की चीनी मिलें किसानों का नए सत्र में 14 दिन में बकाया गन्ना भुगतान नहीं कर पा रही हैं। नए सत्र में जिले की चीनी मिलों पर 221 करोड़ 53 लाख रुपये बकाया है। सबसे ज्यादा थानाभवन मिल पर 160.49 करोड़ रुपये, ऊन मिल पर 48 करोड़ 86 लाख रुपये, शामली मिल पर नए सत्र के 5 करोड़ 18 लाख रुपये हैं। हालांकि, शामली मिल पर वर्ष 2022-23 का किसानों का 214 करोड़ 21 लाख रुपये बकाया है। जिले की चीनी मिलों पर नया और पुराना मिलाकर 435.74 करोड़ रुपये किसानों का बकाया हो गया है। ऊन और थानाभवन चीनी मिले पिछले सत्र का सपूर्ण गन्ना भुगतान किसानों का कर चुकी है।