शामली। हरियाणा-पंजाब में गन्ना मूल्य घोषित होने के बाद लोकसभा चुनाव 2024 को देखते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान गन्ना मूल्य घोषित होने का इंतजार कर रहे हैं। राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ में भाजपा की जीत के बाद पेराई सत्र का गन्ना मूल्य अगली कैबिनेट की बैठक में घोषित हो सकता है। किसान संगठनों और राजनैतिक दल स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, 450 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य घोषित किए जाने की मांग कर रहे हैं।
नए पेराई सत्र में पंजाब में 391 रुपये, हरियाणा में 386 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य घोषित किया गया है। यूपी और उत्तराखंड सरकार ने नए पेराई सत्र का गन्ना मूल्य घोषित नहीं किया है। उत्तराखंड में 355 रुपये और यूपी में 350 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य है। लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर हरियाणा में पिछले साल की अपेक्षा 14 रुपये और पंजाब में 11 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य बढ़ाया गया है। रालोद विधायक 450 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किए जाने की मांग कर रहे हैं। प्रदेश के गन्ना मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण सिंह का कहना है कि कैबिनेट की बैठक में गन्ना मूल्य घोषित हो सकता है।
स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट से डेढ़ गुणा गन्ना मूल्य घोषित हो
सदर विधायक प्रसन्न चौधरी और थानाभवन विधायक अशरफ अली का कहना है कि शाहजहांपुर गन्ना शोध संंस्थान के मुताबिक गन्ने की उत्पादन लागत 311 रुपये आ रही है। गन्ना मूल्य के डेढ़ गुणा के हिसाब से 450 रुपये प्रति क्विंटल घोषित होना चाहिए।
पंजाब में 41 रुपये और हरियाणा में 36 रुपये यूपी से ज्यादा गन्ना मूल्य
सपा के वरिष्ठ नेता प्रोफेसर सुधीर पंवार का कहना है कि गन्ने का कम क्षेत्रफल होने के बाद भी हरियाणा के गन्ना किसानों को उत्तर प्रदेश से 36 रुपये प्रति क्विंटल पंजाब के किसानों को 41 रुपये प्रति क्विंटल अधिक गन्ना मूल्य मिल रहा है। लागत मूल्यों को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को गन्ना मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किए जाने की मांग की है।
गन्ने की लागत को देखते मूल्य घोषित हो
संजीव शास्त्री लिलौन और संजीव चौधरी सिलावर का कहना है कि गन्ने की बुआई, दवाई और सिंचाई और बधाई को देखते हुए 311 रुपये प्रति क्विंटल उत्पादन लागत आ रही है। इसीलिए 450 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य घोषित होना चाहिए।