शामली। कृषि विज्ञान केंद्र व शामली चीनी मिल कृषि विभाग शामली के संयुक्त तत्वावधान में बसंतकालीन गन्ना बुवाई को लेकर गोष्ठी आयोजित की गई है। किसानों को गन्ने में बीज उपचार, ट्राइकोडर्मा का प्रयोग के बारे में बताया। नवीन प्रजाति को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। शनिवार को गोहरनी व बहावड़ी गांव में आयोजित बसंत कालीन गन्ने गोष्ठी में शामली कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. विकास मलिक ने किसानों को गन्ने की नवीन प्रजाति बढ़ाने के साथ तकनीकी के साथ बसंत कालीन बुआई की संपूर्ण जानकारी दी गई। शामली चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक डॉ. कुलदीप पिलानिया ने ट्रेंच विधि को अपनाने पर विशेष जोर दिया। एजीएम गन्ना केपी सरोहा ने बताया गन्ने की प्रजाति 15023, 14201 प्रजाति का बीज क्षेत्र में उपलब्ध कराया जाएगा। पूर्व से उपलब्ध प्रजाति, नवीन प्रजाति का बीज किसान स्वयं अपने क्षेत्र में प्रयोग करें । इस अवसर पर यशपाल सिंह तथा अन्य कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।