- काटने पड़ रहे समिति के चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली, गढ़ीपुख्ता। कस्बे व आसपास के गांवों के किसानों को इन दिनों यूरिया के लिए समिति के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। किसानों का आरोप है कि नैनो यूरिया के बिना उन्हें यूरिया और डीएपी नहीं दिया जा रहा है। शुक्रवार को भी समिति पर पहुंचे किसानों को अगले दिन आने की बात कहकर टरका दिया गया। जिससे किसानों में आक्रोश बढ़ रहा है।
कस्बा और आसपास के देहात क्षेत्रों के किसानों को इन दिनों यूरिया डीएपी के लिए सहकारी समिति के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। किसानों का आरोप है कि समिति के अधिकारी उन्हें नैनो यूरिया के बिना यूरिया डीएपी नहीं दे रहे हैं। शुक्रवार को भी कई किसानों को अगले दिन आने की बात कहकर वापस लौटा दिया गया। जिससे किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि समिति में यूरिया और डीएपी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, लेकिन इसके बावजूद भी उन्हें चक्कर कटवाए जा रहे हैं।
इस समय किसानों को गेहूं की फसल के लिए यूरिया की बेहद आवश्यकता है लेकिन नैनो यूरिया के बिना यूरिया नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि किसान अपनी फसल में नैनो यूरिया के बजाय 46 प्रतिशत नाइट्रोजन वाला यूरिया ही डालना चाहता है। यूरिया न मिलने से उन्हें भारी दिक्कतें उठानी पड़ रही है।
इस संबंध में समिति के एमडी बबलू का कहना है कि समिति में यूरिया डीएपी उपलब्ध है, जो कल मिल जाएगा। यूरिया के दो और डीएपी के एक बैग के साथ नैनो यूरिया की एक बोतल मिलेगी। नैनो यूरिया की एक बोतल का पांच बीघा में स्प्रे होता है, इस आधार पर तीन बैग यूरिया मिलेगा।