ऊन। सहकारी गन्ना विकास समिति लिमिटेड की बैठक में ऊन चीनी मिल द्वारा गन्ना भुगतान न करने को लेकर किसानों ने हंगामा किया तथा समिति के सचिव पर भी गंभीर आरोप लगाए। किसानों की समिति के सचिव अजीत कुमार सिंह से भी काफी देर तक नोकझोंक हुई। बाद में किसी तरह मामला शांत कराया गया। ज्यादातर किसानों ने सहारनपुर की शेरमऊ चीनी मिल को गन्ना आवंटन करने की मांग की।
गन्ना सुरक्षण हेतु किसानों से आवेदन लिए गए। क्षेत्र के किसानों ने शेरमऊ चीनी मिल के क्रय केंद्र लगवाने की मांग की। दरगापुर के पूर्व प्रधान शांता कुमार ने ऊन चीनी मिल पर गन्ना भुगतान न देने, घटतौली करने का आरोप लगाया। मंगलौरा भड़ी, उदपुर, खोड़समा, सकोती कमालपुर, नाई नगला, चौसाना, रंगाना, सिंगरा, म्यान कस्बा दरगाहपुर के किसानों ने शेर मऊ चीनी मिल का क्रय केंद्र आवंटन करने की मांग की।
किसानों ने समिति के सचिव पर मिल अधिकारियों से सांठगांठ कर अवैध गन्ना खरीद करने, घटतौली के खिलाफ कार्रवाई न करने तथा किसानों द्वारा दिए गए प्रस्ताव में हेराफेरी करने का भी आरोप लगाया। किसानों ने प्रस्ताव के अनुसार शासन से गन्ना क्षेत्र आवंटन करने की मांग की। ऊन चीनी मिल के गन्ना महा प्रबंधक कुलदीप पिलानिया ने समय पर भुगतान न होने पर किसानों से माफी मांगी तथा 20 अक्तूबर तक समस्त भुगतान देने का आश्वासन दिया।
दूसरी ओर शेरमऊ चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक परविंदर कुमार राठी ने बताया कि चीनी मिल द्वारा समस्त बकाया भुगतान पेराई सत्र के तुरंत बाद ही कर दिया था। समिति के सचिव अजीत कुमार सिंह ने किसानों को आश्वासन दिया कि किसानों के प्रस्ताव को गन्ना आवंटन हेतु लखनऊ भेजा जाएगा। उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोप को बेबुनियाद बताया है।
बैठक में गन्ना विकास परिषद के पूर्व अध्यक्ष दिनेश गोयल, विदुर रंगाना, राजवीर सिंह, उपेंद्र, कामिल, हरेंद्र प्रधान ,बसंत तोमर, बिट्टू आदि शामिल रहे।