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Shamli News: 2025 से पहले बनकर तैयार नही हो पाएगा एक्सप्रेसवे

Sun, 10 Dec 2023 12:26 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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बुटराडा के पास के दिल्ली देहरादून एक्स प्रैस वे के इंटर चेंज का निर्माणाधीन पुल
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शामली। दिल्ली-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ने वाले दिल्ली- देहरादून ग्रीन फील्ड इकोनामिक काॅरिडोर एक्सप्रेसवे में लांक बुटराड़ा ख्यावड़ी का इंटर चेज, रेस्ट रूम, सुविधा कांप्लक्स, गोगवान जलालपुर में क्राॅस जक्शन और पुलों का कार्य अधूरा है। एक्सप्रेसवे का अगस्त 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य दिया गया। किंतु इन हालातों में निर्माण 2025 से पहले पूरा नही हो पाएगा।
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दिल्ली- देहरादून इकॉनमिक काॅरिडाेर एक्सप्रेसवे दिल्ली-पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड राज्य को जोड़ रहा है। यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर जिले का गणेशपुर से होकर उत्तराखंड के देहरादून तक जाएगा।। चार फेस में होने वाला एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर बागपत जिले के ईस्टर्न फेरीफेरल एक्सप्रेसवे तक प्रथम फेस, बागपत जिले के ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे से लेकर बागपत के लोहड्डा तक दूसरा, लोहड्डा से लेकर, मेरठ करनाल के लांक गांव तक तीसरा फेस, लांक गांव से लेकर थानाभवन क्षेत्र के ख्यावड़ी गांव तक और चौथा फेस ख्यावड़ी गांव से लेकर सहारनपुर जिले के गणेश पुर चौक तक निर्माण कार्य पूरा होना है। चार निर्माण एजेंसी को एक्सप्रेस वे के निर्माण का ठेका दिया है।
शामली जिले में एक्सप्रेसवे लिसाढ़ और लांक गांव से शुरू होकर ख्यावड़ी गांव से आगे तक 34 किमी का एरिया है। जिले में मेरठ-करनाल हाईवे के पास लांक और बुटराड़ा और थानाभवन क्षेत्र में ख्यावड़ी गांव तक इंटरचेंज कार्य अधूरा है। लांक गांव में मेरठ- करनाल हाईवे के पास उपरिगामी पुल के पिर्लर खड़े हैं। भूमि पर मिट्टी भराव कार्य पूरा नहीं हो पाया है। पानीपत-खटीमा हाईवे पर बुटराड़ा गांव से पास पहले इंटरचेंज के निर्माण के लिए उपरिगामी पुल के पिलर खड़े हैं। गार्डर रखने और लिंटर डालने का कार्य अधूरा है। इंटरचेंज के लिए बाईपास पर मिट्टी कार्य अधूरा है।
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वही बुटराड़ा में सुविधा कांप्लेक्स, बाबरी क्षेत्र के गोगवान के पास अंबाला-शामली और दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड इकॉनमिक काॅरिडोर एक्सप्रेसवे का क्राॅस जंक्शन का कार्य अधूरा है। एक्सप्रेसवे किसान संघर्ष समिति के सचिव विदेश मलिक का कहना है कि निर्माण एजेंसी की ओर से एक्सप्रेसवे से किसानों के खेतों में जाने के लिए सर्विस लेन का निर्माण नही कराया गया है। सर्विस लेन का निर्माण न होने से किसानों ने चनूसा, बाबरी, लांक, भाजू, खानपुर समेत कई गांवों में कार्य रुकवा दिया है। किसानों ने सर्विस लेन की माग की है। एनएचएआई बागपत और निर्माण एजेंसी की ओर से जिला प्रशासन को मांग पत्र दिए है। किसानों ने भाजू लांक में कार्य रुकवा दिया है। तीसरे फेेस के निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मेनेजर सोमपाल सिंह का कहना है कि चार किमी से अधिक बाइपास का कार्य अधूरा है। 31 मार्च तक इस फेस का कार्य पूरा करने का लक्ष्य मिला है। वह युद्ध स्तर पर कार्य करा रहे है। हालांकि एनएचएआई बागपत के परियोजना निदेशक नरेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि दिल्ली-देहरादून इकोनामिक काॅरिडोर एक्सप्रेसवे का कार्य पूरा करने का लक्ष्य अगस्त 2024 तक दिया गया है। निर्माण एजेसियों को कार्य पूरा करने के लिए निर्देश दिए गए है। संवाद
भाजू-राजपुर छाजपुर समेत कई जगह नहीं मिले इंटरचेंज
शामली। बागपत के गांगनौली, मुजफ्फरनगर के राजपुर छाजपुर, शामली जिले के भाजू और सहारनपुर जिले के बडगांव में एक्सप्रेसवे की जद में मांग के बावजूद इंटरचेज स्वीकृत नहीं किए गए है। भाजू गांव में इंटर चेंज की मांग के लिए भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, भाकियू सुप्रीमो नरेश टिकैत धरना प्रदर्शन और पंचायत कर चुके है। भाजू और राजपुर छाजपुर के लिए केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान मांग कर चुके हैं। सहारनपुर, बड़गांव इंटरचेंज की मांग प्रदेश के लोक निर्माण विभाग के राज्य मंत्री ब्रजेश कुमार उठा चुके हैं।
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