चौसाना। इसे विभागीय अधिकारियों की अनदेखी कहा जाएगा कि जिले के मिठाई विक्रेता मिठाइयों के डिब्बों पर एक्सपायरी डेट नहीं लिख रहे हैं। लोगों को भी चाहिए कि वह एक्सपायरी डेट देखकर ही मिठाई खरीदें। इस संबंध में पड़ताल की तो बीस से अधिक दुकानों पर मिठाई के डिब्बों पर एक्सपायरी डेट नहीं लिखी गई थी। कुछ दुकानदारों ने कहा कि वह मौखिक रूप से ग्राहकों को जानकारी दे रहे हैं।
स्थान : दिल्ली रोड पर मिठाई विक्रेता की दुकान
संवाददाता : एक किलो रसगुल्ले लेने हैं
दुकानदार: 280 रुपये किलो मिलेंगे
संवाददाता : मगर आपने मिठाई पर एक्सपायरी डेट नहीं मिली है।
दुकानदार : जल्द ही लिख देंगे, अभी मौखिक रूप से बताया जा रहा है।
स्थान: झिंझाना रोड पर दुकान
संवाददाता : एक किलो बर्फी दे दीजिए
दुकानदार : 350 रुपये किलो मिलेगी
संवाददाता: मगर आपने मिठाई पर एक्सपायरी डेट क्यों नहीं लिखी
दुकानदार : मौखिक रूप से बताया जा रहा है।
स्थान : चौसाना में मिठाई विक्रेता की दुकान
संवाददाता : आपने मिठाईयों पर अभी तक एक्सपायरी डेट क्यों नहीं लिखी है, इससे तो लोगों की सेहत खराब होने की संभावना है।
दुकानदार- आप जानते हो, देहात में डेट नहीं लिखी जाती
संवाददाता : क्यों ?
दुकानदार : मौखिक रूप से बताया जा रहा है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने मिठाई विक्रेताओं से अपील की है कि अब मिठाई खुले में नहीं बेची जाएंगी। मिठाई पैक कर बेची जाएंगी और उस पर मैन्युफैक्चरिंग व एक्सपायरी डेट (निर्माण व मियाद खत्म होने की तिथि) दोनों लिखनी होंगी, लेकिन जिले के अधिकांश दुकानदार ऐसा नहीं कर रहे हैं।
कौन सी मिठाई, कब तक होगी खराब
एक दिन चलने वाली मिठाइयां : चॉकलेट कलाकंद, कलाकंद, बटर स्कॉच कलाकंद, रोज कलाकंद।
दो दिन चलने वाली मिठाइयां : दूध से बनीं मिठाइयां, रसगुल्ला, मिल्क बादाम, मलाई रोल, हरिभोग, रसकदम, गुड़ रसमलाई, रस मलाई, शाही टोस्ट, रबड़ी, रस काटा, खीर मोहन, बंगाली रबड़ी।
चार दिन चलने वाली मिठाइयां : केसर कोकोनट लड्डू, खीर कदम, मेवा भाटी, फ्रूट केक, मोतीचूर मोदक, पेड़ा, घेवर, तिल बुग्गा, सफेद पेड़ा, मिल्क बर्फी, खोवा बादाम, फ्रूट केक, बूंदी लड्डू, प्लेन बर्फी, कोकोनट बर्फी, लाल लड्डू।
सात दिन चलने वाली मिठाइयां : काजू कतली, बालूशाही, मूंग बर्फी, काजू केसर बर्फी, काजू लड्डू, बेसन बर्फी, काजू रोल, केसर गुजिया, मैदा गुजिया, काजू खजूर, पिस्ता लौंग।
30 दिन चलने वाली मिठाइयां : चना लड्डू, बेसन लड्डू, आटा लड्डू, कराची हलवा, सोन हलवा, गजक, चिक्की, अंजीर खजूर बर्फी।
अकेले चौसाना में सजी है 100 से अधिक मिठाइयों की दुकान
दिवाली के अब चंद दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में हर जगह रंग-बिरंगी मिठाई की दुकानें सजने लगी है। चौसाना क्षैत्र में छोटी-बड़ी करीब 100 मिठाई की दुकानें हैं।मिलावट के कारण हो सकता फूड प्वाइजनिंग
डिप्टी सीएमओ डॉ. अतुल बंसल के अनुसार खाद्य पदार्थों में मिलावट कई रोगों का कारण बन सकती है। मिलावट के कारण फूड प्वाइजनिंग हो सकती है। वहीं मिलावटी अवयवों के कारण कैंसर, किडनी का फेल होना, अपच, आंखों की रोशनी जाने जैसी बीमारी हो सकती है। इसके साथ लोगो की प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण शरीर में रोग पीछा नही छोडते।
बिना तिथि डाले मिठाइयों की बिक्री करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। अभियान चलाकर मिल्क केक, दूध और खोया के नमूने के लिए गए हैं। दिवाली तक अभियान जारी रहेगा। मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
- पंकज कुमार, मुख्य अभिहीत अधिकारी, शामली
तीन लाख तक का हो सकता है जुर्माना
तय एक्सपायरी तिथि के बाद अगर कोई मिठाई या फिर अन्य खाद्य पदार्थ बेचता है तो उस पर तीन लाख तक जुर्माना हो सकता है। उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई होगी। इसके अलावा सैंपल मिस ब्रांडेड आने पर तीन साल, सब स्टैंडर्ड आने पर पांच साल तक की सजा का प्रावधान है। अनसेफ आने पर सजा और जुर्माना दोनों लगाए जा सकते हैं।