शामली। इस समय डेंगू और वायरल बुखार का प्रकोप चल रहा है। अस्पतालों में कार्ड की जांच में रोजाना डेंगू के नए केस सामने आ रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि दीपावली तक डेंगू की गति पर ब्रेक लगने की उम्मीद है। दिन में गर्मी और रात को तापमान कम होना डेंगू मच्छर के लिए पीक मौसम माना जाता है। दीपावली के आसपास रात के साथ दिन का तापमान कम होने लगता है। इसमें मच्छर पनपने की संभावना कम हो जाती है। चिकित्सक डेंगू से बचाव के लिए दीपावली तक सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
जिले का मौसम बदल रहा है। रात को तापमान कम होने से मौसम ठंडा हो रहा है जबकि दिन अभी गर्म हो रहा है। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रहा। इस तरह से दिन और रात के तापमान में 15 डिग्री सेल्सियस का अंतर है। रात और दिन के तापमान के बीच अंतर ज्यादा होने सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ता है। इसके अलावा डेंगू का मच्छर पनपने के लिए इस तरह का मौसम मुफीद होता है।
जिले में पहले से ही डेंगू व वायरल बुखार के मरीजों की सरकारी व निजी अस्पतालों में भीड़ लग रही है। कार्ड से जांच में डेंगू के केस रोजाना सामने आ रहे हैं। हालांकि सरकारी रिकार्ड में अभी तक डेंगू के 25 केस ही दर्ज हैं। चिकित्सकों का कहना है कि रात और दिन के तापमान में दस डिग्री सेल्सियस से कम का अंतर होना स्वास्थ्य के लिए ठीक माना जाता है। इस तरह का मौसम दीपावली के आसपास होने की उम्मीद रहती है। रात की तरह दिन में भी मौसम ठंडा होने से डेंगू का मच्छर भी पैदा नहीं होता, जिससे बुखार के केस भी कम होने लगते हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वेदभानू मलिक का कहना है कि इस समय आधे केस डेंगू और वायरल बुखार के आधे मरीज नजला, खांसी व अन्य रोगों के आ रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक दिन का दिन का मौसम भी ठंडा नहीं होगा तब तक डेंगू कम नहीं होगा। दीपावली तक मौसम ठंडा होना शुरू हो जाता है, जब तक लोगों को बुखार से बचाव के लिए शरीर को ज्यादा ढकने वाले पूरी बाजू के कपड़े पहनने चाहिए।
इस तरह करें बचाव
- रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- घरों में या आसपास पानी इकट्ठा न होने दें।
- ज्यादा ठंडी चीजों का सेवन करने से बचें।
- मौसमी फल और सब्जियों का सेवन करें।
- मच्छर से काटने से बचाव के तरीके अपनाएं।
- बुखार होने पर पहले जांच कराएं, फिर चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।