चौसाना (शामली)। हरियाणा-यूपी सीमा पर किसानों की धान की फसल को प्रत्येक वर्ष रोका जाता है ,लेकिन कभी भी जिला और हरियाणा के करनाल प्रशासन द्वारा इसके लिए कोई ठोस कदम उठाकर स्थायी समाधान नहीं कराया गया है। जिसके कारण हर साल वाहन चालक और किसान परेशानी से जूझने को मजबूर है।
एमएसपी पर देशभर में किसानों की फसल की बिक्री हो रही है अगर किसानों की फसल को खरीदने के लिए जिला प्रशासन तत्परता दिखाए और प्रत्येक प्रजाति की धान को खरीदा जाए तो किसानों की समस्या का निराकरण हो सकता है और यूपी के किसानों को हरियाणा पर आश्रित नहीं होना पडे़गा। पिछले छह दिनों से किसान हरियाणा के करनाल प्रशासन की मनमानी को झेल रहे हैं। जिसके विरोध पर मंगलवार को यूपी के किसानों को करनाल पुलिस की लाठियां तक खानी पड़ी। किसानों का आरोप है कि पिछले कुछ समय से हरियाणा प्रशासन अपनी मनमानी के चलते यूपी के किसानों को परेशान करता आ रहा है। किसानों की मूलभूत समस्याओं को जानने के बाद भी जिला प्रशासन ने कोई अन्य व्यवस्था नहीं की।
बता दें कि जिले में धान खरीद के लिए सात क्रय केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन बनाए गए केंद्रों पर धान खरीद की समुचित व्यवस्था तक नहीं है। जिसके कारण किसान हरियाणा में धान को बेचने को मजबूर है। किसान अरविंद , सुबोध , बिट्टू, जयवीर ,पालाराम, आदि बताते हैं कि एक किसान को धान बेचने के लिए सुबह से शाम हो जाती है, लेकिन दूसरे किसान का नंबर तक नहीं आता है। अगर प्रशासन क्रय की मूलभूत समस्याओं को दूर कर लेता तो किसानों को हरियाणा पर आश्रित ना होना पड़ता।
एसडीएम को मौके पर भेजा गया है। हरियाणा प्रशासन से भी बात की जाएगी। प्रयास रहेगा कि किसानों को परेशान नहीं होने दिया जाए।
- संतोष कुमार, एडीएम शामली