शामली के मेरठ रोड सिंभालका बाईपास के पास मुठभेड के बाद घटना की जानकारी लेते एसपी रामसेवक गौतम
शामली। हिस्ट्रीशीटर गुड्डन कांबोज गोली लगने के बाद भी घायलावस्था में भी दोनों शार्प शूटरों से मुकाबला करता रहा। गोली लगने के बाद उसने शार्प शूटर जयवीर को पकड़ लिया था और दूसरे शार्प शूटर पर भी लगातार लात मार रहा था। मगर दूसरे शार्प शूटर ने एक के बाद एक तीन गोली मारकर उसे मौत की नींद सुला दिया। तीन गोली पिस्टल से मारी गई जबकि एक गोली तमंचे से मारी। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि गुड्डन जिस समय उनसे भिड़ रहा था उन्हें डर लगने लगा था कि कहीं वह पिस्टल छीनकर उनकी हत्या न कर दें। वे भागने वाले थे मगर दाव लगा और गुड्डन गिरा तो उन्होंने दो फायर ओर झोंके जिसके बाद वह उठ नहीं पाया।
सोनू ने नया सिम कार्ड खरीदकर शार्प शूटरों को दिया था
आरोपियों ने बताया कि पुलिस को उन पर कोई शक न हो, इसके लिए गुड्डन के बेटे सोनू ने शार्प शूटर जयवीर को नया सिम खरीदकर दिया था। जिससे शार्प शूटर दोनों बेटों के संपर्क में थे। हत्याकांड के बाद आरोपियों ने सिम सिंभालका के जंगल में फेंक दिया था। बताया जा रहा है कि हत्या से पूर्व सुबह करीब 3 बजे भी गुड्डन के व्हाटसएप नंबर पर किसी ने बात की थी, पुलिस पता लगाने में जुटी है कि व्हाट्सएप पर गुड्डन की बात किससे हुई थी।
विदेश भागने की तैयारी में थे आरोपी बेटे
पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि गुड्डन के दोनों बेटों के पास जब पुलिस पूछताछ के लिए पहुंची तो उन्हें गिरफ्तारी का डर सताने लगा था। उन्होंने विदेश जाकर रहने का प्लान तैयार किया था। इसके लिए दूसरे आरोपी प्रॉपर्टी डीलर ओमबीर से भी बात की थी। यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं होती तो दोनों विदेश भाग चुके होते।
चाचा भतीजे ने घर जाकर मनाया था जश्न
पुलिस के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के बाद बुढ़ाना से होते हुए दोनों शार्प शूटर अपने गांव बटावली बाइक पर सवार होकर पहुंचे थे। जहां पर रुपये आने की खुशी में जश्न मनाया था।