ऊन। तहसील के गांव अजीजपुर में जमीन विवाद के मामले में गवाही देने आए बुजुर्ग को एक पक्ष ने गवाही देने से रोका तो दो पक्षों में विवाद हो गया। तहसीलदार के सुरक्षा गार्डों ने मौके पर पहुंचकर बुजुर्ग को तहसीलदार के सामने पेश किया। तहसीलदार ने पुलिस को तहसील बुलाया तो दूसरा पक्ष मौके से फरार हो गया।
अजीजपुर में करनाल के गांव उचाना निवासी सेवानिवृत सैन्यकर्मी गोपीनाथ शर्मा पुत्र पुनाराम ने 21 मई 2007 को इलियास पुत्र बद्री से भूमि खरीदी थी। इस भूमि के सह खातेदार इकबाल अहमद से गोपीनाथ का कुर्रेबंदी को लेकर उप जिलाधिकारी न्यायालय में वाद चल रहा है। गोपीनाथ शर्मा ने 25 मई को एक प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें उसने सह खातेदार इकबाल अहमद पुत्र बशीर पर उसके कब्जे वाली भूमि की मेड काटकर कब्जा करने का आरोप लगाया था और कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद तहसीलदार सचिन कुमार वर्मा व कानूनगो भी मौके पर गए थे, लेकिन कोई हल नहीं हो पाया। इस मामले में गोपीनाथ शर्मा के साथ भूमि विक्रय करने वाला इलियास शपथ पत्र देकर गवाही के लिए आया था। आरोप है कि तहसील प्रांगण में पहुंचते ही दूसरे पक्ष ने उसे रोक लिया। दोनों पक्षों में कहासुनी होने लगी। विवाद होता देख तहसीलदार के सुरक्षा गार्ड मौके पर पहुंचे। बुजुर्ग को तहसीलदार कक्ष में ले गए। तहसीलदार सचिन कुमार वर्मा ने ऊन पुलिस को सूचना दी। जब तक पुलिस तहसील में पहुंची, दूसरा पक्ष वहां से फरार हो गया। बाद में दूसरा पक्ष भी बगैर गवाही कराए वापस लौट गया।