शामली में आसशामली में आसमान में छाई धूल। मान में छाई धूल। मौसम वैज्ञानिकों ने इस राजस्थान से रेत के कणों के रूप में उड़कर आई धूल बताया है।
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शामली में पूरे दिन आसमान में धूल छाई रही। तेज धूप निकली, लेकिन हवा की रफ्तार कम रही, जिससे मौसम में उमस घुली रही। तापमान में गिरावट जरूर आई, लेकिन धूल के कारण आमजन को परेशानियां उठानी पड़ी। मौसम विभाग के मुताबिक राजस्थान की तरफ से आई हवा के साथ रेत के कण भी आए, जिसने धूल का रूप ले लिया और आसमान में धूल छाई रही। इस तरह का मौसम लोगों की सेहत के लिए काफी खतरनाक है। मुख्य रूप से श्वांस से पीड़ित लोगों को अधिक कठिनाइयां हो सकती है।
अगले 24 घंटे तक मौसम का मिजाज ऐसा ही रहने के आसार हैं, जिसके बाद 15 जून को बारिश होने की संभावना है। पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी होने से दिन का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुुंच गया था। बुधवार सुबह से शाम तक आसमान में धूल छाई रही। दोपहर मेें कई बार धूल भरी आंधी के आसार बने, लेकिन हवा की रफ्तार कम ही रही। इससे आज का तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पूरे दिन पूर्वा हवाएं चलने से पसीने न सूखने वाली गर्मी से लोगों का हाल -बेहाल हो गया। रेत- धूल के कणों के कारण वाहन चालकों को दूर का स्पष्ट दिखाई नहीं पड़ रहा था।
शामली कृषि विज्ञान केंद्र के निदेशक डाक्टर पीके सिंह ने बताया कि रेत व धूल से भरे कण राजस्थान से उड़कर आ रहे हैं। धरती से रेत -धूल के कण आकाश में छा गए हैं। रेत व धूल के कण बारिश के बाद समाप्त हो पाएंगे। उनका कहना है कि 15 जून को दोपहर बाद बूंदाबांदी के आसार हैं। सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मेरठ के मृदा विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर अशोक कुमार अहलुवालिया ने बताया कि आकाश में धूल- रेत के कण छाने के कारण ज्यादा गर्मी होना है। ज्यादा गर्मी होने से धरती से रेत व धूल जके कण आकाश में चले जाते है। बारिश होने के बाद आकाश में धूल व रेत के कण समाप्त हो पाएंगे।