शामली। पिछले साल का 214 करोड़ रुपये और नए सत्र का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान किए जाने का शामली मिल पर दबाब बढ़ना शुरू हो गया है। बकाया गन्ना भुगतान के मामले में सर्वखाप समन्वय किसान मंच के पदाधिकारियों, खाप चौधरियों, जिला प्रशासन, चीनी मिलों के अधिकारियों की संयुक्त बैठक में अपर दोआब शामली के अफसरों ने तीन दिन का समय मांगा है।
खाप चौधरियों और किसानों ने चेतावनी दी कि अगर तीन दिन बाद किसान और खाप चौधरी आगामी 29 जुलाई को शामली मिल में जाकर मिल के अफसरों से वायदे के मुताबिक बकाया गन्ना भुगतान की माग करेंगे। बुधवार को तीन बजे कलक्ट्रेट सभाकक्ष में डीएम रविद्र सिंह की अध्यक्षता में बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के मामले में सर्वखाप समन्वय किसान मंच के पदाधिकारियों, खाप चौधरियों, चीनी मिलों के अधिकारियों की संयुक्त बैठक हुई। खाप चौधरियों ने शामली चीनी मिल के पिछले सत्र का 214 करोड़ रुपये और नए सत्र का तत्काल बकाया गन्ना भुगतान कराने की मांग की। शामली मिल की ओर से त्रिवेणी समूह के यूनिट हेड अनिल त्यागी ने बताया कि जुलाई माह का चीनी बिक्री का कोटा न मिलने से अगस्त माह में नया बकाया गन्ना भुगतान किया जाएगा। पिछले सत्र 2022-23 का बकाया 214 करोड़ रुपये के भुगतान का शेड्यूल लखनऊ मुख्यालय भेजकर स्वीकृति मांगी है। डीएम रविंद्र सिंह ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि शेड्यूल से किसान को कोई मतलब नहीं है। तत्काल चीनी बेचकर किसानों का नया और पुराना बकाया किया जाए।
डीएम की सख्ती के चलते चीनी मिल के यूनिट हैड अनिल त्यागी ने तीन दिन का समय मांगा है। अब आगामी 29 जुलाई को खाप चौधरी, सर्वखाप समन्वय किसान मंच के पदाधिकारी शामली चीनी मिल में पहुुंचकर अफसरों से जवाब मांगेंगे।
बैठक में कालखडे खाप के चौधरी संजय कालखंडे लिलौन, बहावड़ी थांबेदार श्याम सिंह, शौकेंद्र सिंह भैंसवाल, सजीव हसनपुर, सर्वखाप समन्वय किसान मंच के अध्यक्ष संजीव चौधरी सिलावर मौजूद रहे।