- शासन ने 34.71 लाख रुपये किए गए थे जारी, डीएम ने कार्य नहीं करने पर जारी किया नोटिस
- छह माह पहले स्वच्छ भारत मिशन फेज-2 में भेजा था बजट, 51 प्रधानों को भेजा जाएगा नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। सुन्ना गांव को स्वच्छ भारत मिशन फेज-2 के अंतर्गत ओडीएफ प्लस बनाने के लिए शासन ने चिह्नित करने के बाद बजट जारी किया था, लेकिन प्रधान रविंद्र की लापरवाही के कारण छह माह बाद भी कार्य शुरू नहीं किया गया। प्रधान की लापरवाही को देखते हुए डीएम ने डीपीआरओ की रिपोर्ट पर नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण नहीं देने पर विभागीय कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। वहीं 51 प्रधानों को भी नोटिस जारी करने की तैयारी है।
स्वच्छ भारत मिशन फेज-2 के अंतर्गत जनपद शामली में 52 ग्राम पंचायत को चिह्नित किया गया था, ताकि इन पंचायतों को ओडीएफ प्लस बनाया जा सकें और वहां ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य किया जा सकें। इसके लिए शासन के आदेश पर सुन्ना ग्राम पंचायत को 34.71 लाख रुपये छह माह पहले जारी किए गए थे और प्रधान रविंद्र कुमार को कार्य शुरू कराने के आदेश दिए थे, लेकिन प्रधान रविंद्र कुमार ने छह बाद बीत जाने के बाद वहां कार्य तक शुरू नहीं कराया।
सुन्ना ग्राम पंचायत में 49.58 लाख रुपये से कार्य होना था और मात्र 83 हजार रुपये खर्च किए गए। डीपीआरओ नंदलाल ने प्रधान के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए डीएम को पत्र लिखा था। जिसके बाद डीएम जसजीत कौर ने प्रधान की लापरवाही को देखते हुए उसको नोटिस जारी किया। उन्होंने कहा कि पांच दिसंबर व 27 जनवरी को कार्य शुरू करने व जवाब देने के लिए पत्र लिखा गया था, लेकिन उसका जवाब तक नहीं किया गया। डीएम ने कहा कि वह तीन दिन के अंदर डीपीआरओ कार्यालय में कार्य शुरू न करने के मामले में अपना स्पष्टीकरण दें और यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिलता है तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। डीपीआरओ नंदलाल ने बताया कि 51 ग्राम प्रधानों को भी नोटिस देने के लिए फाइल तैयार की जा रही है और जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।