संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिले में बूंदाबांदी और फिर तेज धूप के साथ उमस भरी गर्मी का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। अस्पतालों में एक सप्ताह से करीब 20 प्रतिशत मरीज बढ़ गए हैं। इनमें ज्यादातर मरीज वायरल बुखार, नजला, जुकाम, खांसी व त्वचा संबंधी रोगों से पीड़ित हैं। चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। जरा सी लापरवाही बीमार बना सकती है।
जिले में इस बार मौसम का मिजाज सही नहीं चल रहा है। सावन माह शुरू हो चुका है, लेकिन बारिश नहीं हो रही है। आसमान में बादल छा जाते हैं, लेकिन बारिश नहीं होती। तीन-चार दिन से कभी-कभी बूंदाबांदी हुई। इसके बाद तेज धूप निकलती है, जिसमें भीषण गर्मी के साथ उमस से लोग परेशान हैं। पसीने में ठंडा पानी पीना या बूंद लगने से लोगों की सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। कभी गर्मी तो कभी बूंदाबांदी का मौसम चलने से लोग बीमार हो रहे हैं। पिछले एक सप्ताह से सरकारी अस्पताल में करीब 20 प्रतिशत मरीज बढ़ गए हैं। अस्पताल में एक सप्ताह पहले तक मरीज 700 के लगभग आ रहे थे। सोमवार को एक हजार से अधिक मरीज अस्पताल पहुंचे, जिनमें 500 से अधिक मरीज नए थे।
सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रामनिवास ने बताया कि मौसम में उतार-चढ़ाव की वजह से वायरल बुखार, नजला, जुकाम आदि के मरीज बढ़े हैं। डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि गर्मी और उमस में पसीना आने से खाज-खुजली त्वचा संबंधी मरीज बढ़े हैं। डॉ. उपकार मलिक ने बताया कि बच्चों में वायरल बुखार, जुकाम, नजला व खांसी के केस ज्यादा आ रहे हैं। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। इस मौसम में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। पौषिक भोजन का सेवन करने से बीमारियां होने का खतरा कम रहता है।
वायरल बुखार के लक्षण
ठंड और कंपकंपी छूटना
सिर में और जोड़ों में दर्द होना
आंखों का लाल होना
सर्दी, जुकाम व नाक बहना
शरीर का तापमान बढ़ना, माथा गर्म होना
इस तरह करें बचाव
धूप व गर्मी से आने के बाद कुछ देर बाद पसीना सुखाएं, इसके बाद पानी पीएं
तेज धूप में जाने से बचे, सिर पर कैप या कपड़ा रखें।
तरल पदार्थों का सेवन ज्यादा करें
प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले पौष्टिक भोजन का सेवन करें
दिनभर में सात-आठ गिलास पानी जरूर पीएं
ठंडे पदार्थों का सेवन करने न करें
सिर दर्द या बुखार महसूस होने पर चिकित्सक की सलाह लें