आशाओं को दिया गया प्रशिक्षण, मोबाइल एप कराया उपलब्ध
296451 के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 148582 लार्थियों के बने कार्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आशाओं ने घर-घर जाकर लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाने शुरू कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आशाओं को गोल्डन कार्ड बनाने का प्रशिक्षण दिया गया है और उन्हें मोबाइल एप उपलब्ध कराया गया है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब परिवारों के लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक का नि:शुल्क उपचार की सुविधा दी जाती है। जिले में इस योजना में 79 हजार 519 लाभार्थी परिवार शामिल किए गए हैं। इन परिवारों के दो लाख 96 हजार 451 सदस्य हैं। इन सभी के गोल्डन कार्ड बनाए जाने हैं। अब तक जिले में 62 हजार 422 परिवारों के एक लाख 48 हजार 582 सदस्यों के गोल्डन कार्ड बनें हैं। इस तरह से अभी तक आधे ही गोल्डन कार्ड बन पाए हैं।
इस योजना के पैनल में सात सीएचसी, 13 निजी अस्पताल शामिल हैं। शासन ने लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाने की गति बढ़ाने के लिए आशाओं के माध्यम से घर-घर जाकर गोल्डन कार्ड बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। जिले में करीब 890 आशाएं हैं। इन आशाओं को गोल्डन कार्ड बनाने का प्रशिक्षण पिछले सप्ताह दिया जा चुका है। आशाओं को गोल्डन कार्ड बनाने के लिए मोबाइल एप उपलब्ध कराया गया है। इन्होंने घर-घर जाकर गोल्डन कार्ड बनाने शुरू कर दिए हैं। शासन की तरफ से प्रति कार्ड आशा को पांच रुपये के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। भुगतान की सीधे उनके खाते में भेजा जाएगा। इस बाबत आयुष्मान योजना के शिकायत मैनेजर वैभव कुमार ने बताया कि जिले में आशाओं ने घर-घर जाकर लाभार्थियों के कार्ड बनाने का काम शुरू कर दिया है।