शामली। जिला अस्पताल में वेंटीलेटर चलाने के लिए चिकित्सकों और स्टाफ नर्स को प्रशिक्षण दिया जाएगा। शासन ने चिकित्सकों व स्टाफ नर्स की सूची मांगी है। जिला अस्पताल प्रबंधन की ओर से तीन चिकित्सक व 12 स्टाफ नर्स के नाम की सूची भेजी गई है। चिकित्सकों व स्टाफ नर्स को लखनऊ में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण मिलने के बाद मरीजों को वेंटीलेटर की सुविधा मिलेगी।
कोरोना काल में पीएम केयर फंड से जिला अस्पताल को 28 वेंटीलेटर मिले थे। वेंटीलेटर चलाने के लिए जिला अस्पताल में न फिजिशियन है और न ही निश्चेतक है। वेंटीलेटर करोना वार्ड और पीकू वार्ड में लगाए गए हैं, लेकिन उनका मरीजों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। जिला स्वास्थ्य विभाग की तरफ से शासन को रिक्त पदों पर चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए कई बार पत्राचार किया गया है, लेकिन अभी तक फिजिशियन व निश्चेतक की नियुक्ति नहीं हो पाई है।
शासन ने वेंटीलेटर चलाने के लिए चिकित्सकों और स्टाफ नर्स को प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है। इसके लिए जिला अस्पताल में नियुक्त चिकित्सकों और स्टाफ नर्स समेत 15 के नाम की सूची मांगी थी। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक की तरफ से शासन को तीन चिकित्सकों और 12 स्टाफ नर्स के नाम की सूची शासन को भेजी जा चुकी है। शासन को भेजी गई सूची में सर्जन डॉ. नरेश सैनी, नेत्र सर्जन डॉ. शबीब और डॉ. इंतजार का नाम भेजा गया है। चिकित्सकों और स्टाफ नर्स को लखनऊ में बुलाकर प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण की तिथि अभी तय नहीं हुई है। चिकित्सकों व स्टाफ नर्स के प्रशिक्षण के बाद वेंटीलेटर चलाए जाने से मरीजों को लाभ मिलने की उम्मीद जगी है।
वेंटीलेटर चलाने के लिए वर्तमान में फिजिशयन व निश्चेतक चिकित्सक नहीं है। शासन ने वेंटीलेटर चलाने का प्रशिक्षण देने के लिए चिकित्सक समेत 15 नामों की सूची मांगी थी। तीन चिकित्सकों व 12 स्टाफ के नाम की सूची शासन को भेजी जा चुकी है। लखनऊ में दिए जाने वाले प्रशिक्षण की अभी तिथि नहीं मिली है।
- डॉ. किशोर कुमार आहूजा, सीएमएस जिला अस्पताल