- विकास कार्यों की समीक्षा कर निस्तारण करने के दिए आदेश
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। डीएम ने बराला गांव में चौपाल लगाकर विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर संबंधित विभागों को उनके शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान विद्यालय का कायाकल्प कार्य अधर में लटका मिलने और एक ही भवन में दो-दो आंगनबाड़ी केंद्र संचालित मिलने पर नाराजगी जताई।
चौपाल का शुभारंभ डिप्टी सीएम का संदेश सुनाकर किया गया। डीएम ने वित्तीय वर्ष में कराए गए विकास कार्यों की समीक्षा की। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत तीन वर्षों में विद्यालय का कार्य पूर्ण नहीं मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई। छात्रों के अनुपात में अध्यापकों को समायोजित करने, विद्यालय में पेयजल, बालक व बालिकाओं के लिए अलग शौचालय, फर्नीचर कार्य कराने के निर्देश दिए गए। आंगनबाड़ी केंद्र चार हैं, लेकिन दो ही भवन में संचालित पाए गए। गांव में आंतरिक विद्युतीकरण नहीं मिला। विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन किया।
ग्रामीणों ने सफाईकर्मी पर गांव में सफाई नहीं करने के आरोप लगाए। पशु पालन विभाग से कृत्रिम गर्भाधान के लिए गांव में कोई टीम नहीं आई। गांव में खेल का मैदान और पानी टंकी के लिए भूमि चयनित करने के एसडीएम को निर्देश दिए गए। कूड़ा निस्तारण के बारे में भी जानकारी की गई और गांव में पानी टंकी कनेक्शन के लिए 50 रुपये प्रतिमाह शुल्क देने की जानकारी दी।
डीएम ने एसीएमओ से आयुष्मान योजना के पैनल में शामिल अस्पतालों में हेल्प डेस्क स्थापित कराने के निर्देश दिए। वहीं प्रियंका ने पुष्टाहार न मिलने, एएनएम के गांव में नहीं आने, हारुन ने डीलर के उत्तराखंड में रहने और राशन नहीं मिलने की शिकायत की। डीएम ने संबंधित विभागों को समस्याओं का निस्तारण करने के निर्देश दिए। लाभार्थियों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत खाद्यान्न वितरित करते हुए गर्भवती महिलाओं की गोद भराई कराई गई। बैठक का संचालन सीडीओ शंभूनाथ तिवारी ने किया।
इस अवसर पर एसडीएम शिवप्रकाश यादव, बीडीओ जितेंद्र कुमार मिश्र, एसीएमओ डॉ. जाहिद अली त्यागी, चिकित्साधीक्षक डॉ. शैलेंद्र चौरसिया, बीडीओ जितेंद्र कुमार मिश्र, ग्राम प्रधान इशरत आदि मौजूद रहे।
प्रदीप वर्मा, दीपक गुप्ता