-16 जून को परचून दुकानदार के पिता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात में की थी रिपोर्ट दर्ज
कैराना। फाइनेंसरों व साहूकारों की धमकियों, कर्जे से परेशान होकर परचून की दुकान करने वाले युवक ने धमकी की चिठ्ठी मिलने का नाटक रचा था। युवक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद जांच की तो मामला फर्जी पाया गया। पुलिस ने आरोपी फर्जी धमकी की चिठ्ठी का नाटक रचने वाले युवक के विरुद्ध 182 की कार्रवाई कर दी।
16 जून को मोहल्ला रेतावाला निवासी इदरीश ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका बेटा उस्मान मोहल्ले में ही परचून की दुकान करता है। उसकी दुकान पर एक धमकी भरी चिठ्ठी मिली थी। इसमें मकान बेचकर कहीं और चले जाने की धमकी दी थी। इससे दो दिन पहले कार सवार 5 युवकों द्वारा उनके बारे में पूछताछ करने की बात भी कही गई थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद मामले की जांच की तो मामला फर्जी पाया गया। कोतवाली प्रभारी श्यामवीर सिंह ने बताया कि चिठ्ठी की राइटिंग का दुकानदार उस्मान के अलावा आसपास के आधा दर्जन युवकों की राइटिंग से मिलान कराया गया तो राइटिंग इदरीश के बेटे उस्मान की ही पाई गई। उस्मान ने पूछताछ में बताया कि उसने दो तीन फाइनेंसरों से 10 प्रतिशत ब्याज पर रुपये लिए थे। ब्याज अधिक होने के कारण वह कर्जा नहीं उतार सका। ब्याज बढ़ते-बढ़ते कर्जा 3 लाख का हो गया। फाइनेंसर उसे धमकी दे रहे थे, जिस कारण उसके घर में आर्थिक तंगी के अलावा झगड़े होने लगे। इस पर उसने स्वयं ही धमकी की चिठ्ठी लिख कर अपनी दुकान में डाल दी, जिससे धमकी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद फाइनेंसर उसे परेशान न करें। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि मामले में चिठ्ठी का नाटक रचने व फर्जी रिपोर्ट लिखाने के आरोप में उस्मान के विरुद्ध धारा 182 के तहत कार्रवाई की जा रही है।