देश विरोधी गतिविधियों से पहले भी जुड़े रहे जिले के तार
पीएफआई के सदस्य मौलाना साजिद व शादाब के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहकर देश खंडित करने का षड्यंत्र रचने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली/कैराना। मामौर गांव के प्रधान पति मौलाना साजिद व सोंता रसूलपुर के मोहम्मद शादाब के खिलाफ एटीएस ने मेरठ के खरखौदा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। देश विरोधी गतिविधियों के तार एक बार फिर जिले के जुड़े पाए गए हैं। इससे पहले भी जिले का नाम ऐसी गतिविधियों से बदनाम होता रहा है। एटीएस ने बृहस्पतिवार रात क्षेत्र के गांव मामौर में दबिश दी थी। जहां से पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) के सदस्य मौलाना साजिद व थानाभवन क्षेत्र के सोंता रसूलपुर से शादाब को उठाया था। एटीएस ने मेरठ के थाना खरखौदा में इन दोनों समेत चार के खिलाफ ंमुकदमा दर्ज कराया है। इन पर देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त होकर भारत वर्ष को खंडित करने, 2047 तक भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने का षड्यंत्र रचने समेत अन्य आरोप हैं।
मौलाना साजिद के पर दर्ज हैं 5 मुकदमे
मामौर के ग्राम प्रधान पति एवं पीएफआई के सक्रिय सदस्य मौलाना साजिद के ऊपर 2018 में कैराना थाने पर एक मुकदमा व 2019 में सीएए के विरोध के समय भड़काऊ पोस्टरों के मामले में कैराना थाने पर दो व शामली कोतवाली में भी 2 मुकदमें दर्ज हैं। शादाब का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।
पहले भी कैराना से जुड़ा आतंकी कनेक्शन
कैराना। जून 2021 में बिहार के दरभंगा रेलवे स्टेशन पर पार्सल ब्लास्ट में कैराना का आतंकी कनेक्शन सुर्खियों में आया था। एनआईए ने दरभंगा ब्लास्ट में कैराना निवासी चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
कैराना कस्बा 90 के दशक में कैराना गठरी व्यवसाय के लिए बदनाम था। गठरी व्यवसाय कपड़ा, चप्पल, सोने व हथियारों की तस्करी तक ही सीमित था। 17 जून 2021 को बिहार के दरभंगा रेलवे स्टेशन पर पार्सल ब्लास्ट हुआ था। 24 जून को एनआईए ने मामले की जांच शुरू कर दी थी। 30 जून को एनआईए ने हैदराबाद से कैराना निवासी दो सगे भाई नासिर खान व इमरान खान को गिरफ्तार किया था। इसके बाद एक जुलाई 2021 को एनआईए ने भारी पुलिस बल के साथ कैराना में दबिश देकर सलीम टूइयां व कफील को गिरफ्तार किया था। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद एनआईए पांच दिन के ट्रांजिट रिमांड पर ले गई थी।
जिले का आतंकी कनेक्शन
एसटीएफ ने वर्ष 2005 में शामली से पांच किलो आरडीएक्स और अत्याधुनिक असलह के साथ जम्मू-कश्मीर निवासी तीन युवक गिरफ्तार किए थे।
कैराना निवासी इकबाल काना और दिलशाद मिर्जा पाकिस्तान में रहकर नकली नोटों का नेटवर्क संचालित करते रहे हैं।
गठरी उद्योग के जरिए समझौता एक्सप्रेस से कैराना लाई जा रही 40 पिस्टल पाकिस्तान बॉर्डर पर बरामद हुई थीं।