कैराना (शामली)। पानीपत रोड पर हाईवे बनने के बाद सनौली से पहले टोल प्लाजा बनाया गया है। यहां पर कार से दोनों साइड का टोल टैक्स 120 रुपये वसूला जाता है, लेकिन कैराना क्षेत्र से सनौली क्षेत्र के गांवों अथवा पानीपत जाने वाले वाहन केवल आठ किलोमीटर ही हाईवे पर चलते हैं। बाकी रास्ते में उन्हें साधारण सड़क से होकर गुजरना पड़ता है। जिस कारण स्थानीय नागरिकों के लिए पानीपत हाईवे जेब पर भारी पड़ रहा है।
पानीपत के सिवाह से नगीना तक एनएच 709 एडी बनाया गया है। यहां कैराना के वाहन चालकों को पानीपत बाईपास से हाईवे मिलता है। यहां से सात किलोमीटर आगे हरियाणा में सनौली से पहले टोल प्लाजा बनाया गया। जिस पर कार आदि से आने जाने का 120 रुपये टोल वसूला जाता है। सनौली व देहात क्षेत्र में जाने के लिए टोल से एक किलोमीटर आगे चलने के बाद वाहन चालकों को अपनी टूटी हुई सड़क मिलती है। हरियाणा के सनौली, छाजपुर, निंबरी, नवादा, तामशाबाद, राणा माजरा, गढ़ी बेसको आदि गांवों में जाने के दौरान केवल आठ किलोमीटर ही वाहन हाईवे पर चलते हैं और टोल शुल्क 120 रुपये देना पड़ता है। लोगों के अनुसार टोल लंबी दूरी के वाहनों पर बनता है, स्थानीय नागरिकों को टोल में छूट दी जानी चाहिए।
1-अधिवक्ता तरुण मित्तल ने बताया कि कई बार कार से सनौली अथवा पानीपत जाना पड़ता है। हाईवे पर केवल आठ किलोमीटर चलने पर टैक्स 120 रुपये बहुत अधिक लगता है। प्रशासन को स्थानीय वाहन चालकों को छूट देनी चाहिए।
2-राकेश वर्मा ने बताया कि पानीपत सिटी में जाने के दौरान भी 120 रुपये का टोल देना पड़ता है। जबकि आठ किलोमीटर हाईवे के बाद सड़कें टूटी फूटी है। टोल देने का कोई फायदा नहीं होता है।
3-किसान प्रवीण चौहान ने बताया कि उनकी बहन की ससुराल बापौली के पास गोला खेड़ा में है। वह बहन के यहां कार से जाते हैं, लेकिन हाईवे केवल आठ किलोमीटर है जबकि 12 किलोमीटर सड़क खराब है, लेकिन टोल 120 रुपये देना पड़ता है जो गलत है।
4-अधिवक्ता नीरज चौहान ने बताया कि प्रशासन को टोल वालों को निर्देश देना चाहिए कि जिसके पास कैराना या आसपास के गांवों के एड्रेस का आधार कार्ड हो उनसे टोल नही लिया जाए।