- स्कूलों में शिक्षकाें के आने और जाने का समय सहित 15 बिंदुओं पर करेंगे जांच
- वित्त पोषित स्कूलों में आठवीं तक के छात्र-छात्राओं को सोमवार को फल और बुधवार को दिया जाएगा दूध
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। माध्यमिक स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए शासन ने डीआईओएस को जिम्मेदारी सौंपी है। जिसके बाद डीआईओएस स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था, पंजीकृत छात्र-छात्राओं की संख्या, शिक्षकों के आने जाने का समय, पेयजल, शौचालय व्यवस्था सहित 15 बिंदुओं पर जांच की जाएगी। यदि वहां किसी भी तरह की खामियां मिलती हैं तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने इससे बीएसए व सभी प्रधानाचार्यों को अवगत करा दिया है।
प्रदेश सरकार का माध्यमिक स्कूलों में भी शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की तरफ ध्यान दे रही है, ताकि वहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को निपुण करने के साथ ही उनको अच्छी शिक्षा देकर भविष्य बनाया जा सके। इसके लिए महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने डीआईओएस को जिम्मेदारी सौंपी है। जिसमें 15 बिंदुओं को शामिल किया गया है और इन बिंदुओं पर 31 जुलाई तक निरीक्षण कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
इसमें विद्यालय में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, बालक-बालिकाओं के लिए शौचालय, मध्यान्ह भोजन की उचित व्यवस्था, छात्र-छात्राओं को समय से भोजन दिया जा रहा है या नहीं, एमडीएम रजिस्टर में दर्ज कुल छात्र-छात्राओं की संख्या, स्कूल में आने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या, निरीक्षण के दिन रजिस्टर में दर्ज व भोजन ग्रहण करने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या, विद्यालय में तैनात शिक्षकों की संख्या, आने जाने का समय, सभी छात्र-छात्राओं को पुस्तक का वितरण, वित्त पोषित स्कूलों में कक्षा आठ तक के छात्र-छात्राओं को सोमवार को फल, बुधवार को दूध वितरण की व्यवस्था सहित आदि बिंदु शामिल किए गए हैं।
उन्होंने बीएसए व सभी प्रधानाचार्यों को पत्र भेजकर अवगत कराते हुए रिपोर्ट भी तलब की है। डीआईओएस जेएस शाक्य ने बताया कि विद्यालय में यदि खामियां मिलती हैं तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कक्षा आठ तक के स्कूलों का निरीक्षण बीएसए करेंगे और इसके लिए पत्र भेज दिया गया है।