जलालाबाद। गंदेवड़ा गांव में गंगा-यमुना संगम घाट पर सावन मास की सोमवती अमावस्या पर दूरदराज से आए ग्रामीणों ने आस्था की डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना न करना पड़े इसके लिए प्रशासन ने संगम तट पर उचित प्रबंध किए।
इस मौके पर श्रद्धालुओं ने सूर्य को अर्घ्य देकर पूजा-अर्चना कर की। सोमवती अमावस्या पर स्नान का बहुत महत्व है। यही वजह रही कि संगम घाट पर स्नान करने के लिए देर शाम तक भीड़ मौजूद रही। पंडित राधेश्याम शर्मा ने बताया कि सावन मास की सोमवती अमावस्या पर सभी श्रद्धालुओं को स्नान व दान करना चाहिए। इसका विशेष महत्व है। घरों में सुहागिन महिलाओं ने अमावस्या पर व्रत रखकर पूजा की। इसके अलावा सत्यवान व सावित्री की कहानी बुजुर्ग महिलाओं से सुनकर उनको बायना दिया। इसके बाद व्रत खोला। वहीं अमावस्या पर हवन पूजन किया गया।पंडित राजेंद्र शर्मा, पंडित अशोक, पंडित अनूप शास्त्री ने संगम पर पूजा-पाठ कराया।