ऊन। लोकसभा चुनाव में अब आठ दिन ही शेष बचे हैं। ऐसे में मतदाता भी प्रत्याशी को अपना कीमती वोट देने से पहले सोच विचार करने में लगे हैं। ज्यादातर को उच्च शिक्षा के लिए डिग्री काॅलेज व विकास कार्य चाहिएं। वहीं किसानों को गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी व समय से भुगतान, तो युवाओं को रोजगार के नए अवसर चाहिएं। कोई कानून व्यवस्था की सुधरी हुई स्थिति पर वोट करेगा तो कोई गन्ना भुगतान समस्या के आधार पर वोट देने का मन बना रहा है। हर तरफ चुनाव व प्रत्याशी की हार जीत पर चर्चा हो रही है।
कस्बे के मेन बाजार में गोपाल की दुकान पर बैठे कुछ व्यापारी चुनाव पर चर्चा करते हुए मिले। दुकान पर बैठे श्रीपाल शर्मा का कहना है कि चुनाव में मतदान से पहले तो प्रत्याशी वोट मांगने आते हैं, लेकिन बाद में भूल जाते हैं। नया सांसद चुनाव जीतने के बाद भी जनता के बीच रह कर उनकी समस्याओं का समाधान करे, उसी को वोट करेंगे।
वीरेंद्र वर्मा का का कहना कि सांसद को विकास कार्य के साथ कभी-कभी जनता के बीच में दुख-सुख में भी आना चाहिए। निरन्तर समाज के बीच में रहकर जनता की सेवा करनी चाहिए। नरेश गोयल का कहना है कि सांसद को जीतने के बाद लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए डिग्री काॅलेज बनवाना चाहिए। साथ ही क्षेत्र की उस जनता का ध्यान रखना चाहिए, जो अपनी कीमती वोट देकर देश की संसद में भेजते हैं। गोपाल का कहना कि सांसद को ईमानदारी के साथ 5 साल तक जनता की सेवा करनी चाहिए और बीच में रहकर उनकी समस्याओं का हल कराने का प्रयास करे। संजय धीमान का कहना था कि सांसद को क्षेत्र में सुरक्षा के साथ ही रोजगार व विकास के लिए कार्य कराने चाहिएं, जिससे क्षेत्र में तरक्की हो। किसान राजकुमार चौधरी का कहना है कि सांसद को संसद में गन्ना मूल्य वृद्धि भुगतान के लिए किसानों के हित की बात करनी चाहिए।