समय के साथ-साथ चुनाव का रंग-ढंग बदलता जा रहा है। नए युग के साथ प्रचार के भी नए-नए ढंग सामने आ रहे हैं। सोशल मीडिया भी प्रचार का शानदार माध्यम बन गया है।
लाउडस्पीकर से हो रहे प्रचार ने भी अपना रंग बदल दिया है।
अब प्रत्याशी का चुनाव प्रचार सदाबहार गीतों के धुन के साथ होने लगा है। प्रचार के इस माध्यम का आलम यह है कि जैसे ही लाउडस्पीकर गीत बजाता हुआ पास से गुजरता है तो गीत सुनने वाला मन ही मन गुनगुनाने लगता है।
पक्ष-विपक्ष की दुनिया से अनभिज्ञ बच्चों की टोलियां भी अपने चिरपरिचित अंदाज में चुनाव प्रचार के गीत गाते हुए दिखते हैं। जो भी प्रत्याशी समर्थकों के साथ सामने से गुजरता है, बच्चे उसके नारे लगाकर मासूमियत का परिचय देते हैं। बच्चों का ये अंदाज सभी समर्थकों और प्रत्याशी के चेहरे पर मुस्कान छोड़ देता है।