जलालाबाद (शामली)। शुक्रवार की देर रात सहारनपुर के रामपुर मनिहारान के पास ट्रक की टक्कर से घायल हुए जलालाबाद नगर पंचायत की कूड़े की गाड़ी में सवार एक संविदाकर्मी ने सुबह के समय दम तोड़ दिया। संविदाकर्मी की मौत से गुस्साएं लोगों ने जलालाबाद में ही दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर जाम लगा दिया। लोगों ने अधिशासी अधिकारी की लापरवाही के कारण मौत का आरोप लगाया। करीब एक घंटे बाद सीओ और नगर पंचायत चेयरमैन के समझाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के आश्वासन पर जाम खोला गया।
शुक्रवार की रात नगर पंचायत की कूडा गाड़ी संख्या यूपी 19 टी 7240 से नगर पंचायत के संविदा कर्मी धीरज, राजीव,अमित और अरुण सहारनपुर गए थे। कूड़ा गाड़ी में ही सवार होकर लौटते समय रामपुर मनिहारान के पास गाड़ी ट्रक से टकरा गई, जिसमें चारों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इन्हें रामपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां पर उपचार के दौरान शनिवार को धीरज की मौत हो गई।
शव शनिवार की सुबह पोस्टमार्टम के बाद दोपहर लगभग डेढ़ बजे जलालाबाद नगर पंचायत कार्यालय में आना था, परंतु इसी बीच थानाभवन थानाध्यक्ष सतीश कुमार व चौकी प्रभारी लोगेश कुमार द्वारा जलालाबाद सीमा पर लोगों को रोककर शव को नगर पंचायत नहीं जाने दिया और शव को सीधे मृतक के घर ले गए। लोगों में इसको लेकर रोष फैल गया। गुस्साएं लोगों ने दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। सूचना पाते ही सीओ श्रेष्ठा ठाकुर मौके पर पहुंची। आरोप है कि इस दौरान सीओ ने भाजपा के एससीएसटी मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष ब्रिजेश वाल्मीकि और अन्य को गिरफ्तार करने की बात कहीं। जिस पर लोग भड़क गए और हंगामा बढ़ गया।
भाजपा कार्यकर्ता ने सीओ पर अभद्रता का भी आरोप लगाया। लोगों का कहना था कि अधिशासी अधिकारी ने अपने घरेलू काम से चारों कर्मचारियों को सहारनपुर बुलाया था। जिसके कारण संविदाकर्मी की मौत हुई। पुलिस को तहरीर देकर परिजनों ने अधिशासी अधिकारी जितेन्द्र राणा के विरुद्ध हत्या व एससीएसटी का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही, मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी की मांग की गई। मामले की सूचना पर नगर पंचायत चेयरमैन जहीर मलिक भी मौके पर पहुंचे। सीओ और चेयरमैन के कार्रवाई और हर संभव मदद के आश्वासन पर लोग शांत हुए। करीब एक घंटे बाद जाम खोला गया।
परिवार को इंसाफ दिलाने की मांग
वाल्मिकी समाज से धनश्याम पारचा, ब्रिजेश, वेदपाल गहलोत आदि भी मौके पर पहुंचे और परिजनों को इंसाफ दिलाने की मांग की। कहा कि अधिशासी अधिकारी द्वारा धीरज समेत तीन अन्य कर्मचारियों को पद का दुरुपयोग कर सहारनपुर स्थित निजी निवास पर सफाई के लिए बुलाया था। अधिशासी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई।
कूड़े की गाड़ी की दो साल से नहीं हुई फिटनेस
भाजपा नेता ब्रजेश वाल्मिकी ने कहा कि जिस कूड़े के वाहन से चारों कर्मचारियों को सहारनपुर बुलाया गया था, उसकी दो साल से फिटनेस खत्म थी। इसके बावजूद किस आधार पर चारों को कूड़े की गाड़ी में बुलाया गया था। आरटीओ कार्यालय ने भी फिटनेस दो साल से खत्म होने की बात कहीं है।
जलालाबाद में जाम लगा कर हंगामा करते मृतक के परिजन
जलालाबाद में जाम लगा कर हंगामा करते मृतक के परिजन