बेकाबू हो रहा जानलेवा लंपी रोग, पशु चिकित्सा विभाग असहाय
शामली। गोवंश में फैल रहा जानलेवा लंपी रोग जिले में बेकाबू होता जा रहा है। चार गोवंशों की मौत के बाद पशु चिकित्सा विभाग की नींद तो टूटी है, लेकिन बीमारी के उपचार का कोई ठोस प्रबंध अभी तक विभाग के पास नहीं है। ऐसे में विभाग के अफसर असहाय दिखाई दे रहे हैं। पशु चिकित्सा विभाग 582 पशु बीमारी से ग्रसित होने का दावा कर रहा है, जबकि असल में यह आंकड़ा काफी ज्यादा है।
जिले में पिछले दस-बारह दिन पहले से गोवंश जानलेवा बीमार लंपी के फैलनी शुरू हुई थी। पिछले कई दिनों से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में इस बीमारी से ग्रसित गोवंशों की संख्या बढ़ती जा रही है। चार बीमार गोवंश की मौत भी हो चुकी है। बीमार पशुओं की मौत की सूचना प्राप्त होने के बाद पशु चिकित्सा विभाग सक्रिय हुआ। शहर में, हसनपुर लुहारी में, गढ़ीपुख्ता में और कैराना देहात में इस बीमारी से एक-एक पशु की मौत हुई है। 585 पशुओं का बीमार होने का दावा पशु चिकित्सा विभाग कर रहा है, जबकि यह संख्या काफी ज्यादा है।
विभाग के निदेशक ने किया निरीक्षण
पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. इंद्रमणि चौधरी बनत और थानाभवन गोशालाओं का निरीक्षण करके जायजा ले चुके हैं। उन्होंने दो सितंबर तक लंपी बीमारी से बचाव के लिए 1.17 लाख पशुओं के लिए वैक्सीन जिला मुख्यालय पर भिजवाने का आश्वासन भी दिया है।
बीमार पशुओं को अलग रखने की नहीं है व्यवस्था
कैराना, बाबरी, थानाभवन कस्बों की गोशालाओं में बीमार पशुओं को अलग रखने की व्यवस्था नहीं है। जिसके चलते इस बीमारी के बढ़ने की आशंका ज्यादा बढ़ गई है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. यशवंत सिंह का कहना है कि वह बीमार पशुओं को अलग से रखने के बारे में निर्देश रहे है। उनका कहना है कि पशुपालन विभाग की ओर से सिर्फ बुखार व एंटीबाइटिक दवाइयां दी जा रही हैं। इन्युनिटी बढ़ाने के लिए पशुओं को त्रिफला, हल्दी और नीम के पत्ते औषधि के रूप में दिए जा सकते हैं।
कंट्रोल रूम पर सिर्फ पांच शिकायत
कैराना रोड स्थित जिला पशु अस्पताल में लंपी रोग से बचाव के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है। सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक पशुपालक बीमार पशुओं की सूचना दे सकते हैं। सीवीओ डॉ. यशवंत सिंह के मुताबिक अभी तक पांच पशुपालकों के बीमार होने की सूचना प्राप्त हुई है। पशुपालक कंट्रोल रूम नंबर 01398-258415 या मुख्य पशु चिकित्साधिकारी मोबाइल नंबर- 9412558100 पर कॉल कर सकते हैं।
पशु पैठ बंद कराई, व्यापारियों को वापस भेजा
लंपी बीमारी बढ़ने के बाद पशु पैठ पर अनिश्चितकाल तक रोक लगा दी गई है। इसके बाद भी मंगलवार को कैराना रोड पर पशु पैठ लगी। जिसकी शिकायत किसी ने डीएम और सीडीओ से फोन पर की। सीडीओ शंभूनाथ तिवारी ने जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी नदीम अख्तर और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. यशवंत सिंह डीएम के निर्देश पर बेमियादी समय तक पशु पैठ पर रोक लगाने के निर्देश दिए। सीडीओ ने बताया कि कुछ लोगों ने शिकायत करके पशुओं में लंपी रोग के बावजूद पशु पैठ लगने के बारे में शिकायत की गई थी।
दूध का उत्पादन घटा
लंपी वायरस के चलते दूध का उत्पादन भी घट गया है। थानाभवन निवासी मनोज अग्रवाल ने बताया कि उनकी गाय 10 लीटर दूध देती थी। अब आधा लीटर दूध ही दे रही है। सीवीओ डॉ. यशवंत ने बताया कि अभी दूध के उत्पादन घटने के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। इसकी जानकारी की जाएगी।
बीमारी से ऐसे करें बचाव
- बीमार पशु से स्वस्थ पशुओं को अलग रखें।
- कली-चूना का करें छिड़काव।
- मक्खी-मच्छर से करें बचाव।
कैराना स्थित गौशाला में बंधे गौवंश- फोटो : SHAMLI
कैराना में शामली रोड पर राजमहल के पास लगी पशु पैठ।- फोटो : SHAMLI
थानाभवन में बीमार लंपी रोग से ग्रस्त गाय को देखते डॉ. पंकज।- फोटो : SHAMLI
थानाभवन में लंपी रोग से ग्रस्त बेसहारा गाय।- फोटो : SHAMLI
बाबरी की अस्थाई गोशाला में लंपी बीमारी से ग्रस्त सांड अन्य पशुओं के साथ।- फोटो : SHAMLI