शामली में होई पर मिटटी के बर्तनो की खरिदारी करती महिला व किशोरी
शामली। अहोई अष्टमी रविवार को है। इसके लिए बाजार में खरीदारों की भीड़ उमड़ी रही। महिलाओं ने व्रत के सामान की खरीदारी की।
शनिवार की सुबह से ही बाजार पहुंची महिलाओं ने चूड़ी, बिंदी सहित सौंदर्य प्रसाधन के सामान की खरीदारी की। उन्होंने अहोई अष्टमी देवी का कलेंडर, कलश आदि की खरीदारी की। व्रत के बाद बेटों का तिलक लगाने के साथ उन्हें देने के लिए गिफ्ट खरीदें। ज्वेलर्स सचिन बंसल ने बताया कि बेटों ने मां के पूजन के लिए उन्हें चांदी के कलश और पाजेब भी दिलवाए। कई ने सोने के आइटम भी मां की दिलवाए। मां की पसंद की साड़ी आदि अन्य सामान भी दिलवाया। इस सामान की खरीदारी के लिए देर सायं तक बाजार गुलजार रहे। सुबह से ही बाजारों में भीड़ के कारण जाम की स्थिति बनी रही।
मिट्टी के कलश की डिमांड कम होने से विक्रेता मायूस
मिट्टी के बर्तन बनाने वाले रामकुमार, तेजपाल ने बताया कि जैसे-जैसे समय बदल रहा है, वैसे ही मिट्टी के बर्तनों की भी डिमांड कम होने लगी है। इसके कारण उनको त्योहारों पर भी मायूसी हाथ लग रही है। पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार 50 प्रतिशत भी कारोबार नहीं हुआ। एक तो मिट्टी भी काफी मुश्किल से मिलती है और उसके बाद यदि मिट्टी मिल जाती है तो मिट्टी के बर्तन व अन्य सामान भी बिक्री नहीं होती है।