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Shamli News: बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान, किसान मायूस

Mon, 04 Mar 2024 12:14 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली/थानाभवन/जलालाबाद। जिले में शनिवार रात ओलावृष्टि व तेज हवा के साथ हुई आधे घंटे की बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचा है। अगेती गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई। सरसों व आलू की फसल को भी नुकसान हुआ है। किसानों के लिए ओलावृष्टि आफत बनकर आई है। शहर और देहात के इलाकों में कई स्थानों पर लाइनों में फाॅल्ट आने से रात में विद्युत आपूर्ति बाधित रही। रविवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। थानाभवन क्षेत्र में दोपहर में बारिश के साथ हल्की ओलावृष्टि हुई।
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जिले में शनिवार रात करीब आठ बजे आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। हवाओं के साथ ओलावृष्टि होने से फसलों को नुकसान पहुंचा है। दूसरे दिन रविवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। बीच-बीच में धूप कुछ देर के लिए निकली। बनत और बाबरी क्षेत्र में दोपहर को बूंदाबांदी हुई। बारिश होने से मौसम में ठंडक बनी रही। थानाभवन क्षेत्र में खेतों में अगेती गेहूं व सरसों की फसल धराशायी हो गई। रविवार दोपहर फिर हल्की ओलावृष्टि हुई। रामानन्द, वतन सिंह, सुखवीर, महेंद्र, सुरेश, उमेश सैनी, जगमाल, राधेश्याम, मेनपाल आदि किसानों ने बताया हवा से फसल गिर गई है जबकि बरसात के पानी में डूबने से वह खराब हो गई है। आलू के खेतों से खोदाई भी बंद हो गई है।
जलालाबाद क्षेत्र में गेहूं के अलावा सरसों और आलू की फसल को भी काफी नुकसान है। हसनपुर लुहारी के किसान सुमित कुमार, आर्येश सैनी ने बताया कि ठंड का होना तो फसल के लिए लाभदायक है। लेकिन तेज हवा के साथ हुई बारिश से फसल नीचे गिर गई है। इससे किसानों को काफी नुकसान पहुंचा है। यदि आगे भी ऐसा ही मौसम रहता है तो फसल पूरी तरह से खराब हो जाएगी। किसानों का कहना है कि मार्च माह के अंत तक गेहूं की फसल कटने वाली थी। तेज हवा चलने से फसल पहले ही खेतों में गिर गई और बारिश के साथ ओलावृष्टि से फसल बर्बाद हो गई। इसका असर गेहूं के उत्पादन के साथ ही गुणवत्ता पर भी पड़ेगा। गेहूं के दाने में कालापन आने की आशंका अधिक रहेगी। साथ ही भूसे की गुणवत्ता भी खराब होगी।
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बोले किसान, फसलों के नुकसान की भरपाई करे सरकार
किसान आजाद मलिक ने बताया कि उनकी गेहूं की अगेती फसल थी। दो दिन पहले ही पानी दिया था। पूरी फसल लेट गई है। जिस कारण काफी नुकसान हो गया है।

किसान रविंद्र का कहना है कि गेहूं की फसल पर बाली आ गई थी। हवा और ओलावृष्टि होने से काफी नुकसान हुआ है।
किसान सतबीर ने बताया कि उन्होंने तीन बीघे ही गेहूं बोए थे। दो दिन पहले ही पानी दिया था। तेज हवा चलने से पूरी फसल लेट गई है। जिस कारण काफी नुकसान हुआ है। सरकार को इसकी भरपाई करनी चाहिए।
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किसान पूरन ने बताया कि उनकी चारे की फसल जई भी तेज हवा के कारण गिर गई है। वहीं ईख की फसल में ओलावृष्टि के कारण हरा अगोला चारे को काफी नुकसान है।
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