शामली। दंगे के दो साल बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर शामली कोतवाली में एक दर्जन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
तीन सितंबर 2013 में नगर में सफाई कर्मी सागर के साथ मारपीट के बाद शामली सांप्रदायिक दंगे की चपेट में आ गया था, जिसमें अहसान की मौत हो गई थी और दर्जनों लोग पथराव व गोली से घायल हो गए थे। उस समय नगर के मोहल्ला नंदू प्रसाद के सैकड़ों लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
नामजद मुकदमे में दर्जनों जेल गए थे। दंगे के दौरान मोहल्ला नंदू प्रसाद निवासी सेवती देवी के घर हमलाकर फायरिंग करते हुए तोड़-फोड़ की गई थी। पुलिस ने पीडिता की शिकायत पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया था। पीड़िता ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत करते हुए न्याय की गुहार लगाई थी।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली ने शामली कोतवाली को पीड़िता का मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर शामली कोतवाली ने पीड़िता सेवती देवी की शिकायत पर सांप्रदायिक दंगे के दो साल बाद एक दर्जन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
पीड़िता ने बताया कि तीन सितंबर 2013 को उसके घर पर हमला कर तोड़फोड़ और फायरिंग की थी। शहर कोतवाली के थाना प्रभारी डीपी सिंह ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर एक दर्जन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।