कैराना। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम मनोज कुमार तृतीय ने पांच साल पहले झिंझाना क्षेत्र में गोकशी के मामले में दोष सिद्ध होने पर दो तस्करों को पांच-पांच साल की कैद और 15-15 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास होगा।
सहायक जिला एवं शासकीय अधिवक्ता जावेद अली एवं संजय चौहान ने बताया कि 27 जनवरी 2012 को दोपहर साढे 12 बजे झिंझाना थाना क्षेत्र की बिड़ोली चैकपोस्ट पर पुलिस ने करनाल की ओर से आ रहे ट्रक को रुकने का इशारा किया तो ट्रक में सवार बदमाशों ने पुलिस पर तमचे से फायर कर दिया था। पुलिस ने घेराबंदी करके ट्रक को पकड़ लिया। ट्रक चालक अब्दुल गफ्फूर निवासी मलेरकोटला पंजाब और हाजी गयूर निवासी नई मंडी मुजफ्फरनगर को गिरफ्तार कर लिया।
ट्रक के अंदर से पुलिस ने 55 क्विंटल मांस बरामद किया गया। बाद में कराई गई जांच में यह गोमांस पाया गया। बदमाश इस मीट को पंजाब से बिहार सप्लाई के लिए लेकर जा रहे थे। इसके अलावा हाजी गय्यूर के पास से पुलिस ने 315 बोर का एक तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोका बरामद किया था।
झिंझाना थाना पर एसआई सुरेंद्र पाल वर्मा ने दो आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेज दिया था तथा चार्ज शीट अदालत में पेश की। अभियोजन पक्ष की ओर में मामले में चार गवाह पेश किए गए।
मंगलवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने व पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद अपर जिला जज मनोज कुमार तृतीय ने हाजी गय्यूर निवासी नई मंडी मुजफ्फरनगर और अब्दुल गफ्फूर निवासी मलेरकोटला पंजाब को 25 आर्म्स एक्ट में 2-2 साल के कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना तथा 3/5/8 सीएस एक्ट में पांच-पांच साल का कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।