शामली। रंगदारी की धमकी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कभी धमकी भरी चिट्ठी व्यापारी के पास पहुंचती है, तो कभी किसान की ट्यूबवेल पर मिलती है। चिट्ठी बदमाश ही भेज रहे हैं, या फिर इसके पीछे किसी की शरारत है। चाहे शरारत ही हो, मगर भय और आतंक का माहौल तो बन रहा है। ऐसे में पुलिस को गंभीरता दिखाते हुए रंगदारी की धमकी देने वालों को सबक सिखाने की जरूरत है।
बीते दो महीने के भीतर रंगदारी के कई मामले सामने आ चुके हैं। खासकर कैराना में रंगदारी की धमकी लगातार आ रही हैं। धमकियां मिलने की वजह से लोग दहशत में जी रहे हैं और पलायन को मजबूर हो रहे हैं। खास बात यह है कि हर मामले में पुलिस से शिकायत की जा रही है, मगर पुलिस उतनी गंभीरता नहीं दिखा रही। धमकी भरी चिट्ठी भेजने वालों का कोई सुराग नहीं लगाया जा रहा है।
गौरतलब है कि तीन दिन पूर्व ही थानाभवन क्षेत्र के किसान नवाब की ट्यूबवेल पर 30 लाख रुपये रंगदारी की धमकी भरी चिट्ठी पड़ी मिली। उसी दिन शामली के एक व्यापारी से दो लाख रुपये रंगदारी मांगी गई। उससे पूर्व कैराना में डाक्टर के परिवार के यहां 10 लाख रुपये रंगदारी की चिट्ठी आई, जबकि उसके पूर्व परचून व्यापारी सचिन को कॉल करके दस लाख रुपये रंगदारी मांगी गई। इन सभी मामलों में अब तक पुलिस की कार्रवाई सिफर है। किसी भी मामले का खुलासा पुलिस नहीं कर सकी है।
पुलिस अधिकारी मानते हैं कि जैसे पूर्व में मुकीम काला और अन्य बदमाशों के नाम पर रंगदारी की कॉल करके दहशत फैलाई जा रही थी, उसी तरह की शरारत हो सकती है। सवाल यह है कि यदि कोई शरारत भी कर रहा है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई तो होनी ही चाहिए।
जेल से भी चल रहा नेटवर्क
रंगदारी मांगने का नेटवर्क जेलों से भी चल रहा है। कैराना नगर पालिका चेयरमैन राशिद अली से भी जेल में बंद महताब काना ने इनाम धुरी के माध्यम से रुपयों की डिमांड की और दहशत फैलाने के लिए चेयरमैन के आवास पर फायरिंग तक कराई गई। उस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके पूर्व शामली में दवा व्यापारी कमल से रंगदारी मांगने के मामले में भी जेल में बंद बदमाश ने रंगदारी के लिए कॉल करके धमकी दी। कुख्यात बदमाश मुकीम काला, महताब काना और गुर्गे धमकी दे रहे हैं।
रंगदारी पर अंकुश लगाएं ः पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्यामदास गर्ग ने बताया कि आईजी मेरठ जोन से कॉल करके रंगदारी के मामलों पर अंकुश लगाने की मांग की।
गर्ग ने बताया कि कैराना सहित शामली जिले में फिर से रंगदारी मांगने की घटनाएं बढ़ गई हैं। वहीं, दोपहर में ही पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की। व्यापारी असुरक्षित है, कानून व्यवस्था खराब हो चुकी है। पुलिस प्रशासन दबाव में कार्य कर रहा है। व्यापारियों की सुरक्षा के व्यापक प्रबंध होने चाहिए।